हमीरपुर / जनपद की राठ तहसील परिसर में आज बिजली कटौती और बिजली दर वृद्धि के विरोध में आक्रोशित सैकड़ो व्यापारियों ने उग्र होकर जमकर नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन उप जिला अधिकारी को सौंपा।
प्रदेश में लगातार हो रही भीषण बिजली कटौती और विद्युत दरों में प्रस्तावित वृद्धि के विरोध में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल ने आज बुधवार को जोरदार आवाज़ उठाई। व्यापारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी राठ के माध्यम से सौंपते हुए ऊर्जा मंत्री की विवादित टिप्पणी पर भी नाराजगी जताई।
व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष के.जी. अग्रवाल के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि प्रदेश में बिजली कटौती की समस्या विकराल होती जा रही है। इससे व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं और आमजन, विशेषकर व्यापारी वर्ग, को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा सरकार के समक्ष बिजली की दरें और फिक्स चार्ज बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है। यदि यह प्रस्ताव पारित होता है, तो इसका सीधा असर निम्न और मध्यम वर्गीय उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। वर्तमान ₹3 प्रति यूनिट की दर बढ़ाकर ₹4 प्रति यूनिट किए जाने की संभावना बताई गई है, जिससे गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रहे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
व्यापार मंडल ने स्मार्ट मीटरों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यह मीटर वास्तविक खपत की तुलना में 4.5 गुना अधिक रीडिंग दर्ज कर रहे हैं। इनसे उपभोक्ताओं को अनावश्यक बिलिंग का सामना करना पड़ रहा है। उल्लेखनीय है कि ये मीटर लगाने वाली कंपनियां पहले गोवा में ब्लैकलिस्ट की जा चुकी हैं।
व्यापारियों ने ऊर्जा मंत्री अरविंद शर्मा द्वारा अधिकारियों के बीच की गई ‘बनियों’ पर आपत्तिजनक टिप्पणी की भी निंदा की और इसे सामाजिक सौहार्द को चोट पहुंचाने वाला बताया। उन्होंने मांग की कि इस टिप्पणी को गंभीरता से लिया जाए और आवश्यक कार्रवाई की जाए।
ज्ञापन सौंपने वालों में काशी प्रसाद गुप्ता, रहमत बेग, प्रदीप गुप्ता, राजेश अग्रवाल, दीपेंद्र बुधौलिया, मोहम्मद अनवार, उमाशंकर गुप्ता, प्रमोद गुप्ता, कामतानाथ बवेले, मनोज आनंद, निधि गुप्ता, ज्योति गुप्ता, मनोज अग्रवाल, महेश अग्रवाल सहित अनेक व्यापारी संगठनों के सैकड़ों सदस्य शामिल रहे।
