मोंठ : नगर की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा को समृद्ध करने वाले वरिष्ठ कलाकार आचार्य हरिओम पाण्डेय के निधन से क्षेत्र में शोक की लहर है। श्री रामयश प्रचारिणी नाटक मंडली मोंठ से जुड़े आचार्य पाण्डेय ने चार दशकों से अधिक समय तक रामलीला के मंच पर अभिनय किया। भगवान परशुराम के किरदार में उनके ओजस्वी संवाद, प्रभावशाली वाणी और शानदार अभिनय ने उन्हें विशिष्ट पहचान दिलाई।
अभिनय के साथ ही आचार्य हरिओम पाण्डेय संस्कृत के प्रकांड विद्वान और कर्मकांड के विशेषज्ञ भी थे। धार्मिक अनुष्ठानों एवं वैदिक परंपराओं की उन्हें गहरी जानकारी थी। उन्होंने अपनी कला और विद्वत्ता के माध्यम से भारतीय संस्कृति और धार्मिक आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके निधन से मोंठ की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपरा को अपूरणीय क्षति हुई है। उनकी अभिनय साधना, शास्त्रीय ज्ञान और योगदान को क्षेत्रवासी लंबे समय तक याद रखेंगे।
