गुरसरांय (झांसी)। कृषि अनुसंधान एवं विकास के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के तहत डॉ रमेश सिंह को इक्रिसेट में ग्लोबल रिसर्च प्रोग्राम डायरेक्टर – रेज़िलिएंट फार्मिंग सिस्टम्स (आरएफएस) नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति से सूखा प्रभावित क्षेत्रों में जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच टिकाऊ एवं लचीली कृषि प्रणालियों के विकास को नई दिशा मिलेगी। डॉ रमेश सिंह का झांसी से गहरा नाता रहा है। उन्होंने मृदा एवं जल संरक्षण शोध में झांसी के केंद्रीय कृषिवानिकी अनुसंधान संस्थान में 22 वर्षों तक अपनी सेवाएं दी हैं। इसके उपरांत उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की संस्था इक्रिसेट, हैदराबाद में प्रधान वैज्ञानिक के पद पर कार्य किया। उनकी देखरेख में उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र के 7 जिलों के करीब 88 ग्रामों में कृषि सुधार और वर्षा जल संरक्षण का कार्य किया गया। झाँसी जिले में किये गए कार्यों को नीति आयोग द्वारा बेस्ट वाटर प्रैक्टिस का अवार्ड भी दिया गया। हाल ही में टहरौली तहसील के 40 ग्रामों में किए गए उत्कृष्ट कार्य के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा उन्हें लेंडस्केप रेस्टोरेशन लीडरशिप अवार्ड से भी सम्मानित किया गया है। टहरौली प्रोजेक्ट की सफलता को देखने आए विभिन्न अफ्रीकी देशों के वैज्ञानिक, शोधकर्ता एवं नीति निर्माताओं की मांग के बाद उन्हें अफ्रीकी देश मलावी, इथोपिया और युगांडा में वर्षाजल संरक्षण एवं कृषि सुधार का जिम्मा सौंपा गया है।
डॉ. रमेश सिंह कृषि अनुसंधान एवं विकास के क्षेत्र में 27 वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं। मृदा एवं जल संरक्षण तथा सिंचाई विज्ञान के विशेषज्ञ डॉ. सिंह वैज्ञानिक नवाचारों को किसानों तक पहुंचाने और उन्हें व्यावहारिक लाभ में बदलने के लिए जाने जाते हैं।अपने पूर्व कार्यकाल में वे इक्रिसेट में प्रिंसिपल साइंटिस्ट एवं ग्लोबल थीम लीडर – रीजेनेरेटिव लैंडस्केप्स के रूप में कार्यरत रहे। उनके नेतृत्व में भारत के विभिन्न सूखा प्रभावित राज्यों जैसे महाराष्ट्र, ओड़िशा, बिहार, उत्तर प्रदेश इत्यादि में 2 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षरित भूमि का पुनर्स्थापन किया गया, जिससे जल संरक्षण, कृषि उत्पादकता और ग्रामीण आजीविका में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला।नई जिम्मेदारी में डॉ. सिंह शुष्क एवं अर्ध-शुष्क क्षेत्रों के लिए जलवायु-स्मार्ट, टिकाऊ और उत्पादक कृषि प्रणालियों के विकास हेतु संस्था के वैश्विक कार्यक्रमों का नेतृत्व करेंगे। साथ ही वे अनुसंधान आधारित नवाचारों को बढ़ावा देने, अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने तथा किसानों की आय, पोषण और आजीविका में सुधार के लिए विज्ञान आधारित समाधान विकसित करने पर विशेष ध्यान देंगे। डॉ. रमेश सिंह की इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर राज्यमंत्री हरगोविंद कुशवाहा, प्राकृतिक संसाधन संरक्षण समिति के अध्यक्ष आशीष उपाध्याय, प्रोग्रेसिव बुंदेलखंड प्रोड्यूसर फॉर्मर प्रोडूसर कंपनी के अध्यक्ष पुष्पेन्द्र सिंह बुंदेला, उपाध्यक्ष रामप्रकाश पटेल, रामेश्वर शर्मा, गुड्डी रानी पटेल, रजनी गौतम, दीनदयाल पटेल, रविन्द्र सोनी, गौरी शंकर सिरबैया, संजीव बिरथरे, इंद्रपाल सिंह बुंदेला, अनुज द्विवेदी प्रधान नागर आदि ने हर्ष व्यक्त करते हुए उनके सफल कार्यकाल के लिए बधाई दी है। साथ ही कृषि एवं अनुसंधान जगत से जुड़े वैज्ञानिकों एवं सहयोगी कर्मचारियों ने भी उन्हें शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।
