गुरसरांय (झांसी)। 25 मई सोमवार को गर्मी की चलते ताप क्रम लगभग 46 डिग्री के पास पहुंचते ही बिजली केबल से लेकर ट्रांसफार्मर जगह-जगह फाल्ट होते देखे गए जिसके चलते घंटों विद्युत आपूर्ति बंद करने से गुरसरांय नगर समेत आसपास क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था पूरी तरह लड़खड़ा गई। वही बताते चलें गुरसरांय के मुख्य आवश्यक क्षेत्र सरकारी अस्पताल के सामने लगे ट्रांसफार्मर में कई बार फाल्ट आया तो कहीं-कहीं लाईनों के केबलों को जलते देखा गया लेकिन सबसे बड़ी कमी यह उजागर होती देखी गई की संविदा पर लगे कर्मचारियों की संख्या की भारी कमी है जबकि दशकों से यहाँ जो संविदा स्टाफ था उसमें विभाग द्वारा भारी कमी कर दी गई है और यह सब बताते हैं निजीकरण के चलते हुआ है वर्तमान में विद्युत उपखण्ड गुरसरांय क्षेत्र में मात्र लगभग 9 संविदा कर्मी है जो दिन रात ड्यूटी करके लाइनों से लेकर सभी व्यवस्थाएं देखते हैं वह भी बहुत अल्प मजदूरी पर जबकि गुरसरांय उपखण्ड विद्युत क्षेत्र के लिए 30 संविदा कर्मियों की सख्त जरूरत है लेकिन अभी तक विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता से लेकर विद्युत विभाग के आला अधिकारियों,प्रशासन से लेकर जनप्रतिनिधियों ने संविदा कर्मियों की मांग कहीं भी नहीं रखी है या फिर शासन द्वारा व्यवस्था को जानबूझकर राम भरोसे छोड़ दिया है। गुरसरांय क्षेत्र में 11 विद्युत फीडर है जिसमें मात्र तीन गैंग काम कर रही है जबकि नियम के अनुसार और विद्युत टेक्निकल जो व्यवस्था है उसके अनुसार लगभग 11 गैंगे होना चाहिए प्रत्येक गैंग में एक लाइनमैन और दो श्रमिक संविदा कर्मी पैदल चलकर काम करने वाले होते हैं इस प्रकार सीधे-सीधे 70 प्रतिशत संविदा कर्मियों की कमी है अब ऐसी स्थिति में विद्युत व्यवस्था कैसे सुधारी जा सकती है अपने में विद्युत विभाग के आला अधिकारी खुद गिरते नजर आ रहे हैं। नगर व क्षेत्र के लोगों ने जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और प्रदेश के मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन से जल्द से जल्द विद्युत व्यवस्था सुचारु करने की पहल की है।
