गुरसरांय (झांसी)। ठंड अपनी जवानी की ओर बढ़ने लगी है और शाम 5:00 बजे से ही लोग अलाव का सहारा ढूंढने लगे है ठंड का कहर सबसे अधिक मजदूर,किसान,बुजुर्ग,बीमार, गरीब लोगों पर यह अपना असर दिखा रहा है 4 दिसंबर गुरुवार को सरकारी अस्पताल के गेट पर ही मुख्य सड़क किनारे लोग ईंधन की जुगाड़ लगाकर तापते हुऐ देखे गए तो खेतीहर लोग खेत पर शाम रात्रि से लेकर प्रातः 6:00 बजे तक खेत में पानी लगाने के दौरान सबसे अधिक ठंड से प्रभावित होते देखे जा रहे है और जानकारी हुई है की उत्तर प्रदेश सरकार ने हर जिलेवार ठंड व ठंड से बचाव के लिए राहत व रेन बसेरा आदि के व्यवस्था की निर्देश दिए हैं ताकि राहगीर से लेकर किसी भी व्यक्ति को ठंड से बचाने के लिए राहत व बचाव कामों को सक्रियता के साथ पूरा किया जा सके लेकिन गरौठा क्षेत्र की गुरसरांय सहित सभी टाउन व ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासन द्वारा रेन बसेरा से लेकर अन्य व्यवस्थाओं के बनाने के लिए कोई कदम नहीं उठाए है ऐसी स्थिति में जागरूक लोगों ने जिला प्रशासन व शासन से युद्ध स्तर पर राहत बचाव कार्यों को चलाए जाने की पहल की है।
