मध्य प्रदेश जिला दतिया में स्थित रतनगढ़ वाली माता के मंदिर में आयोजक श्री श्री 1008 संत बालकदास के सौजन्य चल रहा 1108 कुण्डीय महा यज्ञ सम्पन्न हुआ।आज यज्ञ की पूर्ण आहुति होने के उपरांत मां रतनगढ़ वाली माता की तपोभूमि प्रांगण में विशाल भंडारा आयोजित किया गया। जिसमें रतनगढ़ माता से आस्था रखने वाले श्रद्धालु भक्त हजारों की संख्या में माता के भंडारे में सम्मिलित हुए।बताया जाता है कि संत वालक दासजी महाराज वाल अवस्था से ही ईश्वर भक्ति में लीन है। महाराज समथर कटरा बाजार स्थित संकट मोचन मंदिर में ईश्वर भक्ति में लीन रहते हैं। समथर नगर के के श्रद्धालु भक्तों का कहना है आज बालकदास जी महाराज की कृपा से ही हम सभी भक्तों को मां रतनगढ़ वाली माता के यज्ञ समारोह में सेवा पूजा व अर्चना करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।बताया जाता है कि महातपस्वी आयोजक संत शिरोमणि वालकदासजी महाराज ने मां रतनगढ़ वाली माता के मंदिर पर 1108 कुण्डीय यज्ञ का शुभांरभ करवाया ।जिसमें जगह जगह से उच्च कोटि के यज्ञाचार्य शास्त्रियों द्वारा यज्ञ का आरंभ किया गया। मां रतनगढ़ वाली माता के यज्ञ समारोह में जगह जगह से उच्च कोटि कोटि संत महात्माओं ने भाग लिया और मां रतनगढ़ वाली माता के यज्ञ में सेवा पूर्ण कर मां का आशीर्वाद प्राप्त किया। वहीं यज्ञ के आरंभ से ही प्रतिदिन मां रतनगढ़ वाली माता के मंदिर में श्रद्धालुओं की काफी संख्या में भीड़ लगी रही। वहीं जिला झांसी के समथर मोंठ व ग्रामीण क्षेत्र से काफी संख्या में महिलाएं व श्रद्धालु भक्तों ने यज्ञ में सम्मिलित होकर सेवा पूर्ण की और मां रतनगढ़ वाली माता का आशीर्वाद प्राप्त किया। बताया जाता है कि मां रतनगढ़ वाली माता का मंदिर श्रद्धालुओं का आस्था का प्रतीक है।पूरे बर्ष माता के मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। यहां सबकी मुरादें पूर्ण होती हैं। दीपावली की दोज पर यहां बड़ा भारी मेला लगता है । यहां दूर दूर से श्रद्धालु भक्त आते हैं। यदि किसी व्यक्ति महिला बच्चे को सर्प काट ले तो दोज के दिन मां के मंदिर में आने से ठीक हो जाता है। श्रद्धालु भक्तों का कहना है कि मां रतनगढ़ वाली मां और कुंवर महाराज के चरण वंदन करने से ही सारे कष्ट मिट जाते हैं और मां की कृपा से हर मनोकामना पूर्ण होती है। आज यज्ञ सम्पन्न होने के उपरांत हर जगह से काफी संख्या में श्रद्धालु भक्त भंडारे में सम्मिलित हुए और मां रतनगढ़ वाली माता व कुंवर महाराज के भव्य दर्शन कर जयकारा लगाया और चरण वंदन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके उपरांत सभी श्रद्धालु भक्तों मां के भंडारे में सम्मिलित होकर प्रसादी पाई। मां के भंडारे में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
