गुरसरांय(झांसी)। सहकारिता विभाग के जिला के प्रमुख अधिकारी से लेकर निचले स्तर पर सहकारी समितियों के सचिवों की मनमानी और अनियमितताएं किसानों पर भारी पड़ रही है और लगातार किसान खाद को लेकर रोज के रोज चीख-पुकार कर रहा है और तारीख पर तारीख निकलने के बाद प्रशासन से लेकर जनप्रतिनिधियों द्वारा खाद की व्यवस्था बनाए जाने को लेकर किये जा रहे प्रयास झांसी जिले में हवा-हवाई जिसका जिंदा प्रमाण गरौठा तहसील के बामौर विकासखण्ड की गुरसरांय स्थित नारायणपुरा साधन सहकारी समिति में 16 सितंबर मंगलवार को किसानों के साथ सहकारिता विभाग के यहाँ तैनात सचिव और झांसी जिले के सहकारिता विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी की मनमर्जी किसानों पर भारी पड़ी और सुबह 5:00 बजे से ही बड़ी संख्या में महिला,पुरुष,किसानो की भीड़ नारायणपुरा साधन सहकारी समिति पर खाद लेने के लिए जमा हो गई जो 11:00 बजे तक इस उम्मीद में खड़ी रही कि आज उन्हें खाद मिल जावेगी लेकिन यहाँ तैनात सचिव और सहकारिता विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी के बीच क्या गुफ्तगू हुई पता नहीं यहां तैनात सचिव ने फरमान जारी कर दिया कि अब 18 सितंबर को खाद मिलेगी जिससे मायूस किसान बिलखता हुआ और शासन की व्यवस्था को कोसते हुए अपने घर वापिस चला गया अंदर खाने से यह भी जानकारी मिली है इस संस्था पर दो-तीन ट्रक डीएपी खाद हफ्तों पहले आ चुकी है और गुपचुप तरीके से इस खाद को सचिव ने अपने प्रभावशाली लोगों को वितरित गोपनीय ढंग से कर दिया और आज 16 सितंबर को जब खाद बंटने की बारी आई तो बताया गया कि समिति के पास एक ट्रक खाद ही मौजूद है और किसानों की भीड़ अधिक है इसलिए खाद वितरण 18 सितंबर को किया जावेगा और मौके पर समिति के सचिव ने यह नही बताया कि खाद वितरण की आखिरकार 18 सितंबर को क्या व्यवस्था बनाकर खाद वितरण किया जावेगा। इससे स्पष्ट हो रहा है कि इस समिति पर दर्जनों गांव की किसान खाद लेने आते हैं जो इस समिति के क्षेत्र में और निर्धारित हैं और अगर 18 सितंबर को सभी गांव के किसान खाद लेने आये तो अव्यवस्था फैलना स्वाभाविक है इसके लिए सचिव से लेकर किसी भी अधिकारी ने समिति पर मौजूद किसानों को कोई जानकारी साझा नहीं की इससे लग रहा है सहकारिता विभाग के नारायणपुरा समिति के सचिव से लेकर सहकारिता विभाग के अधिकारी जानबूझकर अव्यवस्था फैलाने में लगे हुए हैं। इसको लेकर क्षेत्र के किसानो और क्षेत्र के विधायकों आदि जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से लेकर शासन तक को पत्र खाद वितरण व्यवस्था बनाए जाने के लिए लिखा है लेकिन लग रहा है की सभी मांगे हवा-हवाई साबित हो रही हैं। जिलाधिकारी झांसी और प्रदेश के मुख्यमंत्री को इस संबंध में जल्द कदम उठाए जाने की मांग किसानों से लेकर जागरुक लोगों ने की है।
