समथर (झांसी)- गणेश चतुर्थी के पावन पर्व पर नगर व ग्रामीण क्षेत्र के लोगों ने बड़े ह्रदय भाव से गौरी पुत्र गणेश की सेवा शुभारंभ की। मंदिरों से लेकर घर घर में प्रथम पूज्य गौरी पुत्र गणेश के जयकारों की गूंज सुनाई दे रही है। मंदिरो में दर्शन के लिए सुवह से भक्तों का तांता लगा हुआ है। कस्बा समथर में गणेश चतुर्थी पर्व के उपलक्ष्य में आज नगर के श्रद्धालु भक्तों ने सुवह से ही व्रत रखकर भगवान श्री गणेश की विधि-विधान से पूजा अर्चना कर सेवा आरंभ की। नगर के श्रद्धालु भक्त एवं माताओं एवं बहनों ने मंदिरों में जाकर भगवान श्रीगणेश जी प्रेम पूर्वक पूजा अर्चना एवं आरती कर जयकारा लगाया और चरण वंदन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। वहीं नगर में कुछ जगहों पर श्रद्धालु कमेटी मंडल कार्यकर्ताओं ने पांडालों में पं शास्त्री द्वारा मंत्रोच्चारण कर बिधि विधान से पूजा अर्चना करवाकर श्री गणेश जी की प्रतिमाओं को विराजमान किया। और आरती कर सेवा का शुभारंभ किया। वहीं घरों में भी नन्हें मुन्ने श्रद्धालु भक्तों ने भी गणेश जी की प्रतिमाओं को घरों में विराजमान किया। और पूजा अर्चना कर सेवा आरंभ की। शास्त्रों में बताया जाता है कि भगवान श्री गणेश सुख समृद्धि प्रदान करने वाले हैं ये बहुत दयालु हैं। ये नन्हें मुन्ने बच्चों से बहुत जल्दी प्रसन्न होते। इसलिए इनकी नन्हें मुन्ने बच्चे और जवान व वृद्ध सभी करतें हैं। ये अपने भक्तों को क्षमा कर उनकी सारी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। नगर व ग्रामीण क्षेत्र के श्रद्धालु भक्तों ने मंदिर व घरों में पं शास्त्रियों द्वारा सर्वप्रथम मंत्रोच्चारण कर श्री गणेश कलश स्थापित करवाकर श्री गणेश जी का दूध,दही घी आदि सामग्री से अभिषेक किया इसके उपरांत पूजा अर्चना एवं आरती जयकारा लगाया और चरण वंदन कर सेवा आरंभ की। मंदिरों में गजानन भगवान श्री गणेश जी के भव्य स्वरूप के दर्शन के लिए भक्तों तांता लगा रहा।
