गुरसरांय (झांसी)। राष्ट्रीय मानवाधिकार सेवा संगठन भारत गुरसरांय के नेतृत्व में शपथ ग्रहण सम्मान समारोह संपन्न हुआ ,जिसमें संगठन की राष्ट्रीय कार्यकारी महिला अध्यक्ष शगुन घोष को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान के अध्यक्ष राज्यमंत्री हरगोविंद कुशवाहा, विशिष्ट अतिथि शिक्षक विधायक डॉ बाबूलाल तिवारी उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर एम०एल० शर्मा,चैयरमैन गरौठा डॉक्टर अरुण कुमार मिश्रा,कैप्टन डॉ राजेश शर्मा,अंचल अरजरिया, श्रीमती उर्मिला पटैरिया, डॉ शेरपाल शर्मा,डॉ प्रवीण जौहरी,बुंदेलखंड मुक्ति मोर्चा के महामंत्री दिनेश भार्गव,राष्ट्रीय प्रवक्ता सतीश चौरसिया, बसंत मोदी,अवधेश दुबे अध्यक्ष मैनपुरी, रामनारायण पस्तोर, मंडल अध्यक्ष पुष्पेंद्र दुवे आदि उपस्थित रहे।कार्यक्रम में श्रीमती वंदना मिश्रा राठ,डॉ प्रवीण जौहरी दिल्ली,डॉ देवी मंजूलता राजपूत को विद्या वाचस्पति डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया गया।
अतिथियों द्वारा संगठन की राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष श्रीमती शकुन घोष को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई।कार्यक्रम में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एम० एल० शर्मा ने कहा कि बुंदेलखंड की धरती वीरों की भूमि है।इसको अलग राज्य का दर्जा दिलाया जाए। शिक्षक विधायक डॉ बाबूलाल तिवारी ने कहा कि स्नातक विधायक के लिए बुंदेलखंड के लोग अपने बोट की ताकत दिखाएं,और बुंदेलखंड से स्नातक विधायक को चुनिए,जो बुंदेलखंड राज्य एवं बुंदेलखंड की विरासत को आगे बढ़ाने का काम करें।उन्होंने गरौठा चैयरमैन डॉ अरुण मिश्रा को बुंदेलखंड की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए भी कहा।बुंदेलखंड मुक्ति मोर्चा की ओर से दिनेश भार्गव द्वारा गरौठा चेयरमैन डॉ अरुण मिश्रा को बुंदेलखंड मुक्ति।मोर्चा के केंद्रीय उपाध्यक्ष एवं मण्डल अध्यक्ष मनोनीत किया गया।राज्यमंत्री हरगोविंद कुशवाहा ने कहा कि बुंदेलखंड की संस्कृति पूरे विश्व में महान है।जिसके लिए बड़े-बड़े वीरों ने जन्म लेकर बुंदेलखंड का नाम गौरवान्वित किया।उन्होंने बुंदेली संस्कृति की विभिन्न विधाओं की प्रस्तुति देकर कहा कि बुंदेलखंड की संस्कृति को सुरक्षित रखें।संचालन सतीश चौरसिया एवं हृदेश खरे ने संयुक्त रूप से किया।कार्यक्रम में
: बुंदेलखंड मुक्ति मोर्चा के जिलाध्यक्ष अरविंद बादल, नीरज शर्मा,ज्योति बरसैया,हेमा,आत्माराम फौजी,संतोष महते, सतीश भाई, अलख प्रकाश शर्मा, आदर्श द्विवेदी, जयहिंद घोष,जयप्रकाश बरसैया,दीपेंद्र त्रिपाठी ,सौरभ सौनकिया ,कपिल कोठारी,लल्लन माते,विवेक बरसैया, लखनलाल कुशवाहा पंकज कुशवाहा ,चंद्रशेखर शर्मा आदि उपस्थित रहे।
बुंदेलखंड में हरगोविंद कुशवाहा भाजपा को देते दिख रहे ऊर्जा
गुरसरांय में राष्ट्रीय मानवाधिकार सेवा संगठन भारत के कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश,मध्य प्रदेश सहित बुंदेलखंड के बड़ी संख्या में साहित्यकार,शिक्षाविद से लेकर बड़ी संख्या में महिलाओं की फौज 24 अगस्त रविवार को गुरसरांय एक विवाह घर में जुटी जिसमें बुंदेलखंड मुक्ति मोर्चा के पदाधिकारी और बुंदेलखंड प्रांत के लिए संघर्षरत एमएलसी प्रोफेसर बाबूलाल तिवारी सहित मध्य प्रदेश,बुंदेलखंड क्षेत्र के लोगों ने बुंदेलखंड प्रांत बनाने की जोरदार मांग रखी और बुंदेलखंड के प्रभाव विकास,संस्कृति को लेकर खाका खींचा यहां तक की सरकार को जल्द से जल्द बुंदेलखंड प्रांत गठन करने पर दिग्गज वक्ताओं ने माहौल में गर्म जोशी लाकर जय बुंदेलखंड के नारे लगाएं बाद में बतौर मुख्य अतिथि एडवोकेट हरगोविंद कुशवाहा का संबोधन हुआ तो उन्होंने अयोध्या के सीताराम चित्रकूट में रहकर और सीता मैया जनकपुरी से अयोध्या और अयोध्या से चित्रकूट में गुजारे समय और रामायण,गीता, वेद पुराणों के रचयिता सब के सब बुंदेलखंड की माटी से रहे हैं इसलिए बुंदेलखंड का महत्व पूरे देश में ही नहीं बल्कि विश्व में है क्योंकि झांसी रानी ने अंग्रेजों के छक्के छुड़ा दिए थे तो महाराजा छत्रसाल और आल्हा-ऊदल समेत एक से बढ़कर एक उदाहरण की प्रस्तुति उन्होंने बुंदेली गायन से मंच पर दी और बुंदेली संगीतकार इस दौरान ढोलक,हरमोनियम तो दूसरी ओर रमतूला बज रहा था। मौके पर मौजूद कई सैकड़ो महिलाएं और सदन में मौजूद हजारों की संख्या में महिला,पुरुष यहां तक की विधान परिषद सदस्य कई बड़े साहित्यकार और प्रोफेसर से लेकर मीडिया के लोग उनका बुंदेली भाषा में बुंदेलखंड और देश की संस्कृति वीर योद्धाओं को बुंदेली गीत में सुनकर सब के सब मंत्र मुग्ध हो गए और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बुजुर्ग अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान के अध्यक्ष राज्यमंत्री हरगोविंद कुशवाहा से मंत्र मुग्ध होकर उन्हें फूल मालाओं से लाद दिया और बड़ी संख्या में राष्ट्रीय मानव अधिकार सेवा संगठन भारत की महिलाओं ने उन्हें पुष्प गुच्छ देकर एवं अंग वस्त्र पहनाकर सम्मानित किया और बाहर से आए अतिथि से लेकर पूरा सदन जब हरगोविंद कुशवाहा लोक गायन कर रहे थे तब सब के सब खड़े होकर उनका अभिवादन कर रहे थे तब लग रहा था योगी जी ने अपने पास अभी कई नगीने रखे हुए हैं।
