गुरसरांय(झाँसी)। उत्तर प्रदेश के झाँसी जिले का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुरसरांय दो तहसीलों गरौठा व टहरौली क्षेत्र का सर्वाधिक मरीजों से लेकर दुर्घटनाएं आदि महिला स्वास्थ्य सेवाओं का केंद्र बिंदु है और यहाँ पर लगभग एक हजार प्रतिदिन मरीजों की ओपीडी के साथ-साथ कभी-कभी तो दर्जनों व्यक्ति गंभीर दुर्घटनाओं में या लड़ाई झगड़ों में इलाज करने के लिए आते हैं लेकिन जब यह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र था लगभग 50 वर्षों से भी अधिक समय से एक ही सफाई कर्मचारी यहां पर तैनात है यहां तक की कोई भी संविदा सफाई कर्मचारी स्वास्थ्य विभाग द्वारा यहां पर नियुक्त नहीं किया गया है अब हम जाते हैं वार्ड बॉय की ओर तो यहां पर लगभग चार वार्ड बॉय नियुक्त है उसमें से भी एक वार्ड बॉय धर्मेंद्र हफ्ते में मात्र दो दिनों के लिए यहां पर आता है यह उसकी लगता हैं कि स्वास्थ्य महकमें में ऊँची पहुंच के चलते वह मनमाफिक तरीके से अपनी ड्यूटी करता है यह सब वाक्या जिले के सीएमओ से लेकर आला अधिकारियों को पूरी जानकारी होने के बाद भी पूरे स्वास्थ्य केंद्र कैंप में मात्र 24 घंटे सेवा के लिए एक सफ़ाई कर्मचारी होना स्पष्ट इशारा करता है कि यहां पर ऊपर से ही स्वच्छता की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है ऐसी स्थिति में शासन को कम से कम दो सफाई कर्मचारी अतिरिक्त संविदा पर अथवा सरकारी नियुक्त करना आवश्यक है वहीं दूसरी ओर वार्ड बॉय से लेकर यहां विभिन्न स्वास्थ्य परीक्षण के लिए आधुनिक एक्स-रे मशीन से लेकर अल्ट्रासाउंड मशीन होने के बाद भी इसको चलाने के लिए संबंधित स्टाफ की तैनाती न होने से इन मशीनों का लगा होना आम जनता को स्वास्थ्य सेवाओं का सही लाभ नहीं मिल पा रहा है क्योंकि लोगों को प्राइवेट अल्ट्रासाउंड मशीनों से जैब से खर्च करके परीक्षण कराना पड़ता है चर्चा है कि इसमें स्वास्थ्य विभाग के प्राइवेट जिला स्तरीय अधिकारियों की प्राइवेट अल्ट्रासाउंड संचालन कर्ताओं की घुसपैठ के चलते जिला स्तरीय स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इन अनियमितताओं की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं जिसका खामियाजा इस पिछड़े क्षेत्र की जनता को उठाना पड़ रहा है यही हालत यहां के लिए डॉक्टर से लेकर अन्य स्टाफ के लिए जो आवास आवंटित है वह काफी जर्जर हालत में है और आवासों की संख्या कम होने से स्टाफ को अस्पताल कैंप के बाहर रहने को मजबूर होना पड़ता है और तो और यहां पर कई प्राचीन जर्जर भवन का उपयोग किया जा रहा है जबकि सख्त जरूरत है कि यहां पर इमरजेंसी वार्ड अलग से प्रवेश गेट के पास प्राचीन भवन को गिरवाकर जल्द से जल्द बनवाया जाए लेकिन विभाग के अधिकारी है कि इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं जिससे आए दिन आकस्मिक सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। कस्बे व क्षेत्र के लोगों ने स्वास्थ्य मंत्री उत्तर प्रदेश शासन, जिला प्रशासन,उत्तर प्रदेश शासन और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से इस ओर तुरंत ध्यान देकर जल्द से जल्द व्यवस्था बनाए जाने की मांग की है।
