समथर ( झांसी)- नगर के लोगों की जुड़ी है आज भी श्रद्धा। बताया जाता है कि सन् 1990 में हुई थी मंदिर में मूर्तियां चोरी। लगभग 35 बर्षों से है मंदिर बंद। केवल धार्मिक उत्सवों पर खुलते हैं मंदिर के पट दुवार।विगत दिन पहले कांवड़ियों के साथ भगवान का जल अभिषेक करने नगर के लोगों की उमड़ी भीड़। बताया जाता है कि समथर नगर के खरखरी वाग स्थित एक बहुत प्राचीन सिद्ध पीठ चतुर्भुज मंदिर है।जो लगभग 35 बर्षों से बंद है।जो धार्मिक त्योहारों पर ही खुलता है। जहां कभी नित्य पूजा अर्चना के साथ ताल मंजीरे और घंटा की ध्वनि सुनाई देती थी। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष रमेश कुमार खत्री एडवोकेट व हिंदू धर्म समुदाय के समाज सेवी व भाजपा के बुजुर्ग वरिष्ठ नेता गोविंद दास दुवे टाल वालों ने बताया कि मूर्तियों की चोरी हो जाने व कुछ वर्ष वाद पुजारी की हत्या हो जाने के उपरांत मंदिर बंद कर दिया गया सिर्फ धार्मिक पर्व उत्सवों पर पूजा अर्चना की जाती है। आज भी मंदिर में अष्ट धातु व पत्थर की देवी देवताओं की मूर्ति सहित हनुमान जी महाराज विराजमान हैं। उन्होंने बताया कि राज्य व्यवस्था समाप्त हो जाने के वाद खरखरी वाग नगर पालिका को सौंप दिया गया था।जो आज नगर पालिका की सम्पत्ति है। उन्होंने कहा नगर पालिका व खरखरी वाग में रहने वाले नूरमोहम्मद आदि का मामला प्रयागराज हाईकोर्ट में लंबित है। वहीं भाजपा नेता नरोत्तम श्रीवास्तव व प्रकाश झां ने बताया कि मंदिर में राजकीय इंटर कॉलेज में आने वाले तैनात प्रधानाचार्य का ठहरने का बंगला है। जहां आज भी विधालय के प्रधानाचार्य निवास करते हैं। हिन्दू धर्म समुदाय के लोगों का आरोप है कि खरखरी वाग में रहने वाले मुस्लिम समुदाय के परिजन लोग भूमि पर कई वर्षों से कब्जा किए हुए हैं। नगर के श्रद्धालु दर्शनार्थियों को मंदिर जाने से रोकते हैं। नगर में शांति की स्थिति बनी है। मंदिर में जाने से रोकने पर कभी भी तनाव की स्थिति बन सकती है। विगत दिन पहले कांवड़िए भक्तों को मंदिर में भगवान को जल अभिषेक के लिए जाने से रोका गया जिसमें संत वालक सहित बहुत से श्रद्धालु उपस्थित रहे।लेकिन पुलिस प्रशासन की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था होने के कारण तनाव की स्थिति थम गई। हिन्दू धर्म समुदाय के समाज सेवी लोगों का शासन से अनुरोध है कि खरखरी वाग की पूर्ण जांच कर कब्जा मुक्त किया जाए और मंदिर की धरोहर को सुरक्षित कर मंदिर की नित्य प्रतिदिन समय से पूजा अर्चना की जाय।
