गुरसरांय(झांसी)। नगर के पुराने बस स्टैंड पर श्री हनुमान जी महाराज व्यास जी मन्दिर पर आयोजित नौ दिवसीय श्री श्री 1008 रामचरितमानस नवाह परायण महायज्ञ के प्रथम दिन प्रखर वक्ता महंत रामहृदय दास जी महाराज ने मधुरवाणी से संगीतमय श्रीरामकथा का अमृतमयी रसपान कराकर श्रृद्धालुओं को भाव विभोर कर दिया। भगवान श्री हनुमान जी के प्रकट उत्सव की कथा सुनकर श्रृद्धालु भाव विभोर हो गये। महंत रामहृदय दास जी महाराज ने श्रीराम कथा का प्रवचन कर श्रृद्धालुओं में भक्ति भाव जगाया। महंत रामहृदय दास जी महाराज ने राम कथा प्रसंग के क्रम में श्रीराम के अनन्य भक्त वीर हनुमान जी की गाथा का बखान किया। उन्होंने कहा कि हनुमान जी को भगवान शिव का 11 वां रुद्र अवतार माना जाता है और उनका जन्म भगवान राम की सहायता के लिए हुआ था। जब भगवान विष्णु ने राम के रूप में अवतार लिया था। इस दौरान श्रद्धालुओं के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया। इसके पूर्व सुबह रामचरितमानस नवाह परायण महायज्ञ में श्रृद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। कथा की आरती पं बृजकिशोर व्यास,विनोद व्यास,सुरेंद्र व्यास,महेंद्र व्यास,नरेंद्र व्यास ने संयुक्त रूप से की। इस अवसर पर पूर्व चैयरमेन गुरसरांय पंडित देवेश पालीवाल,अतुल व्यास,नितुल व्यास,सतीश चौरसिया,रामनारायण पस्तोर,कौशलेश मिश्रा,देवेंद्र घोष,डॉ नरेश तिवारी,अनिल तिवारी,दिनेश त्रिपाठी आदि उपस्थित रहे।
