शरद अग्रवाल पत्रकार दैनिक बुंदेलखंड बुलेट जिला ब्यूरो चीफ छतरपुर
छतरपुर//कलेक्टर पार्थ जैसवाल की अध्यक्षता में गुरूवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में जिला पंचायत सीईओ तपस्या परिहार, सीएमएचओ डॉ. आर.पी. गुप्ता सहित बीएमओ, डॉक्टर एवं संबंधित स्वास्थ्य अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए कम प्रसव दर पर चिंता व्यक्त करते हुए ग्राम कर्री, सीलोन, कुर्राहा में प्रसव की संख्या अत्यंत कम पाई। जिस पर चिंता व्यक्त करते हुए ग्राम कुर्राहा को 108 एंबुलेंस सेवा के अंतर्गत शीघ्र जोड़ने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री जैसवाल ने प्रसव केंद्रों की स्थिति की समीक्षा करते हुए विभिन्न प्रसव केंद्रों पर प्रसव की संख्या में आई गिरावट की जांच की करने के लिए कहा और कहा कि किन-किन डिलीवरी प्वाइंट्स पर प्रसव की संख्या में कमी आई है और इसके पीछे क्या कारण हैं इसका स्पष्टीकरण दें। प्रसव केंद्रों की भौतिक स्थिति की भी समीक्षा करने और आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने सभी बीएमओ को 7 दिन में अपने-अपने क्षेत्रों के समस्त डिलीवरी प्वाइंट्स का निरीक्षण कर यह पता लगाने के निर्देश दिए कि वहाँ प्रसव की संख्या में कमी क्यों आई है। इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट सीएमएचओ द्वारा प्रस्तुत करने को कहा।
कलेक्टर ने पाथा ग्राम में होम डिलीवरी पर चिंता व्यक्त करते हुए लवकुशनगर के बीएमओ को निर्देशित किया कि वह पाथा ग्राम का भ्रमण करें, जहाँ बड़ी संख्या में होम डिलीवरी हो रही हैं। यह जांच करें कि ये प्रसव संस्थागत क्यों नहीं हो रहे और संबंधित कारणों की पहचान करें। जहाँ-जहाँ एंबुलेंस सेवा (108) नहीं पहुँच रही है, वहाँ संबंधित कर्मियों पर सख्त कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए।
लवकुशनगर में कुपोषित बच्चों के पुनर्वास में लापरवाही पर बीएमओ सीडीपीओ को वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश
कलेक्टर ने कुपोषित बच्चों के पुनर्वास में लापरवाही पर लवकुशनगर के सीडीपीओ एवं बीएमओ द्वारा कुपोषित बच्चों को पुनर्वास केंद्र में भर्ती नहीं किए जाने की लापरवाही पर एक वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने निरीक्षण के लिए क्षेत्र चिह्नित कर बड़ामलहरा, ईशानगर एवं लवकुशनगर क्षेत्र की निगरानी की जिम्मेदारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचएचओ) को सौंपी।
कर्तव्य में लापरवाही करने पर आशा कार्यकर्ता को सेवा से पृथक करें
कलेक्टर ने गर्भवती महिलाओं का विलंब से पंजीकरण करने पर गर्भवती महिलाओं का प्रथम त्रैमासिक के बाद पंजीकरण एवं एएनसी न होने की शिकायतों पर संबंधित आशा कार्यकर्ताओं के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि कर्तव्यपालन में लापरवाही पर यदि कोई आशा, कार्यकर्ता अपने कर्तव्यों का सही तरीके से निर्वहन नहीं कर रही हैं, तो उन्हें सेवा से पृथक करने की कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
साथ ही कलेक्टर ने सभी गर्भवती महिलाओं की सतत निगरानी की जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी स्वास्थ्य केंद्र एवं डिलीवरी प्वाइंट प्रभावी रूप से कार्य कर रहे हों।
पीपीआईयूसीडी में लापरवाही पर बीएमओ को शोकॉज
कलेक्टर ने प्रसव के 48 घंटे के भीतर पीपीआईयूसीडी को बढ़ावा देने के लिए लाभार्थियों, आशा कार्यकर्ताओं एवं स्टाफ नर्सों को प्रेरित किया जाए पीपीआईयूसीडी शून्य रहने पर बीएमओ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धवाड़ एवं बीएमओ राजनगर को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने जिले में होने वाले समस्त प्रसव एवं जन्म लेने वाले शिशुओं में कम जन्मवज़न (लो वर्थ वेट) वाले बच्चों की संख्या को ट्रैक करने के निर्देश दिए एवं ऐसे मामलों में एचआईवायसीएन प्रशिक्षित स्टाफ द्वारा बच्चों के माता-पिता को स्तनपान, पोषण और शिशु देखभाल पर विशेष परामर्श देने के लिए कहा।
नवजात शिशुओं को समय से मिले पोषण
कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग को संयुक्त रूप से समन्वय में कार्य करने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि नवजात शिशुओं को आवश्यक पोषण समय पर एवं प्रभावी रूप से प्राप्त हो।
साथ ही सभी स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जनहित में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, उत्तरदायित्व एवं पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश
जननी एवं प्रसूति सहायता के भुगतान में लापरवाही पर बीएमओ गौरिहार कारण बताओ नोटिस
कलेक्टर ने पीएमएसएमए व ई-पीएमएसएमए की समीक्षा करते हुए सभी बीएमओ को निर्देशित किया गया कि उच्च जोखिम गर्भावस्था (हाई रिस्क प्रेग्नेंसी) के मामलों का डेटा सीडीपीओ के साथ साझा करें और हर माह 9 व 25 तारीख को निगरानी सुनिश्चित करें।
साथ ही जननी एक्सप्रेस व एंबुलेंस सेवा में कॉल रिस्पॉन्स टाइम, कितने मरीज अस्पताल पहुँचे व किस समय पहुँचे, इन बिंदुओं की समीक्षा की। और सभी बीएमओ को निर्देश दिया गया कि 108 एंबुलेंस व जननी एक्सप्रेस की मिस्ड या अनअटेंड कॉल्स की समीक्षा कर प्रणालीगत समस्याओं की रिपोर्ट दें।
जननी सुरक्षा योजना एवं प्रसूति सहायता योजना की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने जननी सुरक्षा योजना एवं प्रसूति सहायता योजना एवं भुगतान की स्थिति की गहन समीक्षा की। बीएमओ गौरिहार को भुगतान में अत्यधिक खराब प्रदर्शन के कारण कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
मृत्युदर में गिरावट पर कलेक्टर ने सराहना की, सभी स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा कर दिए महत्वपूर्ण निर्देश
कलेक्टर ने स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) की स्थिति की समीक्षा करते हुए मृत्युदर में 9.1 प्रतिशत से घटकर 3.41 प्रतिशत होने पर सराहना व्यक्त की और शून्य मृत्युदर प्राप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया। उन्होंने अप्रैल 2025 तक की पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट की स्थिति की भी समीक्षा की। न्यूट्रिशन रिहैबिलिटेशन सेंटर (एनआरसी) की प्रगति की समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य एवं महिला एवं बाल विकास अधिकारी को उसमें सुधार के निर्देश दिए। 9 से 11 माह तक के बच्चों के टीकाकरण की ब्लॉकवार समीक्षा करते हुए ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर को इसकी सख्त निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही कलेक्टर ने यू-विन पोर्टल, मिशन परिवार विकास, आयुष्मान भारत निरामय योजना के अंतर्गत जारी कार्डों की संख्या, गैर-संक्रमणीय रोगों की स्क्रीनिंग, निदान एवं उपचार की स्थिति, कुल नोटिफाइड मरीजों की डीबीटी (डीबीटी) भुगतान स्थिति, नेशनल ब्लाइंडनेस कंट्रोल प्रोग्राम की रिपोर्ट, डायलिसिस मशीनों की उपलब्धता एवं पंजीकृत मरीजों की संख्या, मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम, एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम एवं इसकी योजनाओं के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा की। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जनता को अधिकतम लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।
