मऊरानीपुर(झाँसी): बसपा सरकार में निर्धन एवं बेघर लोगों को रहने के लिए बनाई गई काशीराम कॉलोनी अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रही है। कॉलोनी में स्थित पेयजल की टंकी में गंदगी की भरमार है। यही गंदा पानी कॉलोनी के निवासियों को पेयजल के लिए सप्लाई की जा रही है। जिससे कॉलोनी के निवासियों ने संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका जताई है। कुरैचानाका में काशीराम आवास कॉलोनी बनाई गई थी, 45 ब्लॉक में 540 आवास है। यहां के लोगों मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। पानी की सप्लाई के लिए टंकी बनी हुई है, लेकिन टंकी की महीनों से सफाई नहीं हुई जिसके कारण पानी में गंध आने लगी है। जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। कॉलोनी निवासी मुरारीलाल साहू, रानी आर्य, रामप्यारी लोहापीटा, बच्ची लाल, सोना देवी आदि ने बताया कि टंकी ऊपर से खुली हुई है जिसमें पक्षी गंदगी करते हैं व नहाते रहते हैं जिसके चलते घरों में आने वाले पानी में गंध आने लगी है। पानी पीने योग्य नहीं रहा बीमारी फैलने का खतरा भी बना हुआ है। वही आवास में अराजक तत्वों की होने के कारण कुछ ब्लाकों में गंदगी का अंबार लगा हुआ है चारों तरफ गंदगी है। छत पर रखी पानी की टंकियां टूटी पड़ी है।
::काशीराम आवास कॉलोनी ब्लॉक 11/2 निवासी मुरारीलाल साहू ने बताया कि पिछले 8 माह से पानी की टंकी की सफाई नहीं हुई। जिसके चलते घरों में पीने के लिए आने वाले पानी में गंध आने लगी है। बताया कि ब्लॉक 11/11 में रहने वाले व्यक्ति ने छत के गेटों को जला दिया है छत पर गंदगी फैलता है शौचक्रिया भी छत पर ही करता है। जिसके चलते छत पर लोग नहीं जा पाते, रात्रि में शराब पीकर लोगों को परेशान करता है।
:: ब्लॉक 11/1 निवासी रामप्यारी ने बताया कि की ऊपर के आवास में रहने वाले लोग गंदगी फैलाए हुए हैं जिसके चलते छत पर नहीं जा पाते, टंकी की सफाई न होने के कारण पानी में गंध आने लगी है। यदि पानी की टंकी की सफाई हो जाए तो पानी पीने योग्य हो जाएगा।
:: पंप ऑपरेटर के पद पर तैनात राजाराम ने बताया कि पिछले दो वर्षों से टंकी की साफ सफाई नहीं हुई है उनका कहना है कि टंकी की सफाई का कार्य उच्च अधिकारियों का है जब वह अपने अधिकारियों से सफाई के लिए कहते हैं तो उनका कहना होता है कि टंकी में दवा डाल दी जाए। कहा कि उस पानी को वह नहीं पीते हैं जो लोग पीते हैं वही बता सकते हैं कि पानी में गंध आ रही है या नहीं, पिछले दो वर्षों से पंप हाउस की एक मशीन खराब पड़ी हुई है जो अभी तक सही नहीं की गई।
