गुरसरांय (झांसी)। नवरात्रि के अंतिम दिन प्राचीन धार्मिक परम्परा के अनुसार नगर व ग्रामीण क्षेत्रों से अलग अलग भारी जत्थों के साथ महिलाएं और भक्तजन सिर पर जवारे के खप्पर लिए हुए ऐतिहासिक तालाब माता मंदिर गुरसरांय जवारे चढ़ाने और नवरात्रि की अंतिम पूजा के लिए माता के जयकारों के भजनों के गाते हुए आए। इस दौरान विभिन्न भजनों की अलग अलग मंडली अलग अलग जत्थों के साथ अपनी भजनों से जन जन को अपनी ओर आकर्षण कर रही थी जिसके चलते पूरे नगर में मां के जयकारों के नारे गूंजते आए। उधर मंदिर से वापसी होने पर महिलाओं पुरुषों सभी लोगों ने एक दूसरे को जवारे देकर मैय्या से सुख समृद्धि शक्ति की मंगल कामना की।
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