बुंदेलखंड बुलेटिन न्यूज
रिपोर्ट-शौकीन खान/कौशल किशोर गुरसरांय
गुरसरांय(झाँसी)। अमृत 2.0 परियोजना के अंतर्गत माता मन्दिर तालाब गुरसरांय के सौंदर्यीकरण व विस्तारीकरण के नाम से माता मन्दिर तालाब अमृत सरोवर का विकास कार्य नगर विकास विभाग के अंतर्गत कार्यदायी संस्था सीएण्डडीएस,36 उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) झांसी द्वारा उत्तर प्रदेश शासन द्वारा 141.54 लाख रुपये स्वीकृत होने के बाद कराए गए काम की गुणवत्ता एवं प्राचीन तालाब के अस्तित्व को पूरी तरह से मौके पर समाप्त कर दिया गया है,इस प्रकार शासन की महत्वपूर्ण तालाब सौंदर्यीकरण व विस्तारीकरण योजना केवल सपनों में आई और गई साबित हो रही है अब देखना है शासन इस संबंध में कार्यदायी संस्था से लेकर ठेकेदारों के विरुद्ध क्या कार्रवाई करता है और तालाब की स्थिति कैसे सुधरे पर क्या कदम अगला होता है।
2025 फरवरी में क्यों और किसके आदेश पर खाली कराया जा रहा है तालाब
नगर पालिका परिषद माता मंदिर के इस प्राचीन तालाब को 15 फरवरी से कार्यदायी संस्था और ठेकेदारों द्वारा खाली कराया जा रहा है,जिसके चलते पूरे नगर में जल स्तर गिरने का संकट बड़ गया है तो वही तालाब अपना पुराना अस्तित्व खोता जा रहा है यहां पर सवाल उठता है कि कार्यदायी संस्था से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों,जनप्रतिनिधियों को सारी जानकारी होने के बाद भी जनता के साथ जहाँ खिलवाड़ किया जा रहा है क्योंकि गुरसरांय नगर के लिए एकमात्र यही तालाब जल स्तर से लेकर सार्वजनिक,धार्मिक,सामाजिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए प्राचीन धरोहर था शासन द्वारा कार्यदायी संस्था को जो अवधि काम करने की दी गयी थी उससे छ: माह बाद भी स्थिति जहाँ के तहां लटकी हुई है और आम जनता के साथ बहुत बड़ा पानी संकट को लेकर खिलवाड़ किया जा रहा है इससे लग रहा है कि शासन के आदेशों का यहाँ कोई असर नहीं है,अब देखना है कि जिला प्रशासन से लेकर प्रदेश सरकार में बैठे आला अधिकारी इस संबंध में क्या कार्यवाही करते हैं?
