बुंदेलखंड बुलेटिन न्यूज
महोबा । जिला अस्पताल में गरीब मरीजों का आर्थिक शोषण जारी है। बनियातला गांव की युवती तमन्ना को सीने में तेज दर्द की शिकायत पर अस्पताल लाया गया। आरोप है कि इमरजेंसी वार्ड में तैनात डॉक्टर पंकज ने मरीज को भर्ती करते ही बाहर से दवाएं और इंजेक्शन लिखे। जिनकी कीमत 2750 रुपए थी। गरीब पिता प्रीतम को दवाएं खरीदने के लिए गांव के एक व्यक्ति से उधार लेना पड़ा। दवाएं खरीदने और इलाज शुरू होने के 24 घंटे बाद भी मरीज की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ है। इंजेक्शन के बाद मात्र 10 मिनट का आराम मिलता है, फिर दर्द शुरू हो जाता है। अधिकारियों और सीएमओ से शिकायत की मरीज की बड़ी बहन मोहिनी के अनुसार, मुफ्त इलाज की उम्मीद में आए थे, लेकिन डॉक्टर ने बाहर से दवाएं खरीदने को मजबूर किया। जब दोबारा बाहर की दवा लिखने की बात हुई तो परिवार ने मना कर दिया। डॉक्टर ने मरीज को रेफर भी नहीं किया। यह स्थिति तब है जब अस्पताल में चारों तरफ बाहर की दवाएं न लिखने के पोस्टर लगे हुए हैं।
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