बुंदेलखंड बुलेटिन न्यूज
मोंठ(झांसी ): ,आपको बता दें कि कई वर्षों से टूटे पड़े खिरिया घाट पुल के कारण मोंठ, गुरसराय ,टहरौली की ओर से आने- जाने वाले लोगों को बेतवा नदी पर निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ता था खासकर बर्षा रितु के समय में खिरिया घाट रिपटा जुलाई और अगस्त माह में जलमग्न हो जाता था जिस कारण से लोगों को 30 किलोमीटर की दूरी से घूम कर अपने स्थान तक जाना पड़ता था गरौठा विधानसभा क्षेत्र में गुरसरांय और मोंठ के मध्य से निकली बेतवा नदी पर बने कई वर्ष पुराने खिरियाघाट रिपटा पूरी तरह से टूट चुका था। बरसात में बेतवा नदी आने के कारण रिपटा खराब हो जाता था जिसमें मिट्टी डालकर लोग सर्दी और गर्मी के मौसम में निकालते रहते थे ।
लेकिन बरसात के मौसम में आवागमन पूरी तरह से बाधित हो जाता था और लोगों को चिरगांव के रामनगर पुल या एरच पुल का सहारा लेकर 30 किलोमीटर का चक्कर काट कर अपने स्थान तक जाना पड़ता था ।इस समस्या का समाधान करने के लिए गरौठा विधायक जवाहरलाल राजपूत ने मामले को विधानसभा में पिछली वर्ष उठाया था और जल्द से जल्द खिरिया घाट पुल बनवाने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी एक पत्र सोपा था गरौठा विधायक के पत्र को मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लिया और 93 करोड़ 56 लाख रुपये की लागत से खिरिया घाट पुल बनवाने की स्वीकृति दे दी गई।
उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा खिरिया घाट पुल निर्माण की स्वीकृति मिलते ही गरौठा विधानसभा क्षेत्र के लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई थी ।जिसका गरौठा विधायक जवाहरलाल राजपूत ने 15 फरवरी शनिवार की शाम हिंदू रीति रिवाज के अनुसार भूमि पूजन किया और जल्द से जल्द खिरियाघाट पर पुल निर्माण करने के लिए ठेकेदार को निर्देश दिए ।
जानकारी देते हुए गरौठा विधायक ने बताया कि इस पुल का लाभ गरौठा विधानसभा क्षेत्र की जनता सहित मध्य प्रदेश की भांडेर, उरई और झांसी से आने जाने वाले लोगों को भी इसका लाभ मिलेगा वह मोंठ से होते हुए सीधा गुरसरांय, टहरौली बघेरा की ओर जा सकेंगे अभी लोगों को एरच और रामनगर के पुल से 30 किलोमीटर का चक्कर लगाकर आना पड़ता था ।
खिरियाघाट पुल का निर्माण कार्यदायी संस्था -उत्तर प्रदेश राज्यसेतु निगम लिमिटेड झांसी के द्वारा कराया जा रहा है भूमि पूजन के दौरान मौजूद रहे।
