बुंदेलखंड बुलेटिन न्यूज
महोबा । जैतपुर विकासखंड स्थित अजनर गांव में एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां के पूरन तालाब में मुर्गी फार्म का कचरा और बीट डाले जाने से पानी जहरीला हो गया है, जिससे एक सप्ताह में 15 मवेशियों की मौत हो गई है। लगभग 35 मवेशी बीमार चल रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि मछली पालन के ठेकेदार यूनुस द्वारा पिकअप वाहनों से बड़ी मात्रा में मुर्गी फार्म का कचरा और बीट तालाब में डाला जा रहा है। इससे तालाब का पानी न केवल दूषित हुआ है, बल्कि इसका रंग भी पीला पड़ गया है। राकेश द्विवेदी, देवीदीन कुशवाहा, जगत कुशवाहा, अंबिका प्रसाद तिवारी सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि यह तालाब पूरे गांव के मवेशियों के लिए पानी का मुख्य स्रोत है। पशुपालकों के अनुसार, पशु अस्पताल में इलाज कराने के बावजूद मवेशियों की स्थिति में सुथार नहीं हो रहा है। एक के बाद एक मवेशियों की मौत से ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। उन्होंने तालाब में कचरा डालने की गतिविधियों को तुरंत रोकने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। ग्रामीणों ने आरोपी ठेकेदार के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की मांग की है। साथ ही तालाब की सफाई कराए जाने और भविष्य में ऐसी घटनाएं ना हो इसके लिए कड़े कदम उठाए जाने की मांग ग्रामीणों ने की है। इस मामले को लेकर राजकीय पशु चिकित्सालय के डॉक्टर राम सिंह राजपूत बताते हैं कि मौके पर जाकर देखा गया तो तालाब के किनारे बड़ी मात्रा में मुर्गी पालन का कचरा पड़ा हुआ है। जिसे तालाब में डाला जा रहा है।ग्रामीणों ने आरोपी ठेकेदार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही तालाब की सफाई कराए जाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुर्नावृत्ति ना हो इसके लिए कड़े कदम उठाए जाने की मांग ग्रामीणों ने की है। इस मामले को लेकर राजकीय पशु चिकित्सालय के डॉक्टर राम सिंह राजपूत बताते हैं कि मौके पर जाकर देखा गया तो तालाब के किनारे बड़ी मात्रा में मुर्गी पालन कचरा पड़ा हुआ है। जिसे तालाब में डाला जा रहा है। यह कचरा और मुर्गी पालन की बीट भविष्य में बीमारी फैलाने का कारण बन सकता है।
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