झांसी – उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निर्मित पारीछा थर्मल पावर प्लांट द्वारा विद्युत उत्पादन कोयले से किया जाता हैं। जले हुए कोयले की राख एवं जले हुए तेल को नियमानुसार निस्तारित किया जाना चाहिए।
लम्बे समय से पारीछा थर्मल पावर प्लांट द्वारा कोयले की राख एवं जले हुए तेल को बुंदेलखंड की जीवनदायनी नदी बेतवा में बहाया जा रहा है। साथ ही चिमनियों से कोयले की राख को उड़ाया जा रहा है जिससे प्लांट के नजदीक के अनेक ग्रामों में लोगों के गम्भीर बीमारियां हो चुकी हैं।
पारीछा थर्मल पावर प्लांट द्वारा कोयले की जली हुई राख को बेतवा नदी में बहाने से विशाल राख का टापू बन गया हैं। इस टापू पर बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा के योद्धाओं ने क्रिकेट खेला। टापू इतना बढ़ा हैं कि क्रिकेट खेलने में कोई परेशानी नहीं हुई। टापू पर क्रिकेट खेल कर सरकार की आँख खोल कर बेतवा नदी और पारीछा बांध कर बचाने का प्रयास किया गया। देश में ये पहली बार देखा गया हैं कि नदी की मुख्य धारा के बीच में बने राख के टापू पर क्रिकेट खेला गया हो।
प्रदूषण की रोक थाम एवं नियंत्रण अधिनियम के अंतर्गत सिंचाई विभाग को कानूनी कार्यवाही के देना चाहिए थी। जनप्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारी बेतवा नदी एवं पारीछा बांध को नष्ट होते देख रहे हैं।
इस टापू के अलावा भी दो और बड़े टापू बेतवा नदी में बने हुए है जो अभी सात, आठ इंच पानी के नीचे हैं जो बांध का पानी थोड़ा कम होने पर बाहर निकल आयेगे।
बहुत जल्दी वो समय आने वाला हैं जब पारीछा से हमीरपुर तक के हजारों ग्राम में पेयजल एवं सिंचाई के लाले पड़ने वाले हैं। बुंदेलखंड क्षेत्र में कृषि शून्यता की ओर चली जाएगी जिससे जमीन बंजर हो जाएगी।
तत्काल केंद्र और राज्य सरकार को पहल कर बेतवा एवं पारीछा बांध को बचाए।
बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा शीघ्र एन.जी.टी में वाद दाखिल कर क्षेत्र की जीवनदायनी बेतवा नदी एवं पारीछा बांध को बचाने के लिए हर सम्भव जतन किए जाएंगे।
राख के टापू पर क्रिकेट खेलने वालों में पहली टीम बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा की जिसमें मोर्चा अध्यक्ष भानू सहाय, महामंत्री अशोक सक्सेना, प्रवक्ता रघुराज शर्मा, कोषाध्यक्ष वरुण अग्रवाल, हनीफ खान, रामजी पारीछा, प्रदीप झा, गोलू ठाकुर, अभिषेक तिवारी, नरेंद्र कुशवाहा, नजमा खान, प्रफुल्ल तिवारी, व्योम अग्रवाल।
दूसरी टीम ग्राम पारीछा की रही जिसमें रामजी सिंह जादौन, रमेश रायकवार रमेत परिहार, बंटी सेन , सागर जादौन, नरेंद्र अहिरवार, राजेश रायकवार, मांसु रायकवार, रणजीत जादौन, रघुवीर जादौन, नरेंद्र कुमार, टिंकू रायकवार, एम्पायर नरेंद्र कुमार और धीरेन्द्र रायकवार रहे, रघुवीर रायकवार एवं लाल मन कुमार एक्सपर्ट एम्पायर रहे।
