झाँसी – श्रीमान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जनपद झाँसी द्वारा दिनाँक 02.06.2026 को पुलिस लाइन झाँसी सभागार में सैनिक सम्मेलन का आयोजित किया गया। सैनिक सम्मेलन में जो पुलिस कर्मी अपनी समस्याओं को लेकर उपस्थित हुए उनकी समस्याओं को महोदय द्वारा सुनकर समस्याओं के गुणवत्तापूर्ण एवं त्वरित निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारीगण को निर्देशित किया गया।
सैनिक सम्मेलन के उपरांत जनपद की कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, महिला संबंधी अपराधों, अनुसूचित जाति/जनजाति अधिनियम, सीएम डैसबोर्ड, पुरस्कार घोषित, टॉप-10 तथा हिस्ट्रीशीटर अपराधियों की समीक्षा, गैंग की समीक्षा, चरित्र सत्यापन, आईजीआरएस तथा शिकायत प्रकोष्ठ के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के सम्यक निस्तारण व आगामी त्यौहार आदि के संबंध में जनपद के समस्त अधिकारीगण के साथ पुलिस लाइन झाँसी सभागार में मासिक अपराध गोष्ठी आहूत की गई। जिसमें निम्नलिखित बिन्दुओं पर प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए-
1. शासन द्वारा संचालित यक्ष (YAKSH) एप्प के जनपद में प्रभावी क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गई। यक्ष एप्प की एक प्रमुख एवं नवाचारी पहल के रूप में इसमें AI आधारित वॉइस सर्च एवं स्पीकर आइडेंटिफिकेशन तकनीक सम्मिलित है, जिसके अन्तर्गत गिरफ्तारी के समय अभियुक्त का वॉइस सैंपल लेकर उसे एक केंद्रीकृत डाटाबेस में सुरक्षित किया जाता है। भविष्य में किसी भी ऑडियो क्लिप, धमकी भरे कॉल अथवा रिकॉर्डेड बातचीत का इस डाटाबेस से मिलान कर अपराधियों की पहचान एवं विवेचना को अधिक सशक्त बनाया जा सकता है। समीक्षा के उपरान्त निर्देशित किया गया कि जनपद के समस्त अधिकारियों/कर्मचारियों को यक्ष एप्प के समुचित उपयोग, तकनीकी विशेषताओं एवं कार्यप्रणाली के सम्बन्ध में आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया जाए, ताकि एप्प का अधिकतम एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।
2. ई-साक्ष्य एप्प की जनपद में क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए समस्त थाना प्रभारियों को एप्प पर अधिक से अधिक SID बनाने एवं उसे FIR से जोड़ने हेतु निर्देश दिए गए।
3. जनपद में iGOT (Integrated Government Online Training) पोर्टल, जिसे iGOT कर्मयोगी के नाम से भी जाना जाता है, के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गई। यह पोर्टल भारत सरकार द्वारा मिशन कर्मयोगी के अन्तर्गत विकसित एक ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म है, जिसका उद्देश्य सरकारी कर्मियों को ऑनलाइन माध्यम से प्रशिक्षण एवं कौशल विकास के अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपने कर्तव्यों का अधिक दक्षता, पारदर्शिता एवं संवेदनशीलता के साथ निर्वहन कर सकें तथा नागरिकों को बेहतर एवं समयबद्ध सेवाएं प्रदान की जा सकें। समीक्षा के उपरान्त जनपद के समस्त अधिकारियों/कर्मचारियों को निर्देशित किया गया कि वे iGOT कर्मयोगी पोर्टल पर उपलब्ध प्रासंगिक पाठ्यक्रमों से अनिवार्य रूप से प्रशिक्षण प्राप्त करें एवं अर्जित ज्ञान को अपने दैनिक कार्य व्यवहार में प्रभावी रूप से लागू करना सुनिश्चित करें।
4. आईजीआरएस के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण हेतु निर्देश दिए गए। साथ ही समस्त थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि वे शिकायतों की सतत मॉनीटरिंग करते हुए अपने-अपने थाना क्षेत्रान्तर्गत चौकी प्रभारियों का उत्तरदायित्व सुनिश्चित करें।
5. सड़क दुर्घटनाओं के सम्बन्ध में शासन द्वारा संचालित iRAD (Integrated Road Accident Database) पोर्टल के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। IRAD पोर्टल भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की एक महत्त्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं से सम्बन्धित समस्त डेटा का एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संग्रह, विश्लेषण एवं साझाकरण करना है। यह पोर्टल पुलिस, स्वास्थ्य एवं परिवहन विभाग सहित सभी सम्बद्ध हितधारकों को आपस में जोड़ते हुए डेटा-आधारित निर्णय लेने में सहायक है, जिससे सड़क सुरक्षा के उपायों को सुदृढ़ किया जा सके एवं सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। उक्त के क्रम में निर्देशित किया गया कि प्रत्येक सड़क दुर्घटना की सूचना का घटनास्थल पर ही समयबद्ध, सटीक एवं पूर्ण रूप से iRAD पोर्टल पर फीडिंग सुनिश्चित की जाए।
6. ZFD (Zero Faculty Distance) कार्यक्रम के अन्तर्गत चिन्हित थाना नवाबाद, सीपरी बाजार, बड़ागाँव, चिरगांव एवं मऊरानीपुर हेतु गठित सीसी (Critical Care) टीम की विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान टीम की कार्यप्रणाली, सड़क दुर्घटनाओं में त्वरित पहुँच (Quick Response), प्राथमिक चिकित्सा, घायलों को शीघ्र चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराए जाने तथा अधिक से अधिक जीवन रक्षा सुनिश्चित करने की क्षमता का गहन मूल्यांकन किया गया। तत्पश्चात टीम के सदस्यों को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान कराते हुए यह निर्देशित किया गया कि सड़क दुर्घटनाओं की सूचना प्राप्त होते ही त्वरित, समन्वित एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, जिससे दुर्घटनाओं में मृत्यु दर में कमी लाई जा सके तथा आमजन को समयबद्ध एवं संवेदनशील सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
7. साइबर अपराध से सम्बन्धित पंजीकृत अभियोगों के शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण, साइबर फ्रॉड के प्रकरणों में पीड़ितों की अधिक से अधिक धनराशि की बरामदगी सुनिश्चित कराने तथा ऐसी घटनाओं के प्रकाश में आते ही त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही करते हुए समयबद्ध रूप से सम्बन्धित खातों में धनराशि को फ्रीज कराए जाने हेतु सम्बन्धित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश प्रदान किए गए।
8. जीएसटी से सम्बन्धित पंजीकृत अभियोगों की समीक्षा की गई तथा गठित एसआईटी से वार्ता करते हुए सम्बन्धित विभागों से आवश्यक समन्वय स्थापित कर प्रकरणों के शीघ्र एवं प्रभावी निस्तारण हेतु निर्देश दिए गए।
9. समस्त थाना प्रभारियों को अपने-अपने थानों पर लम्बित मुकदमाती माल का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करते
हुए उसे ई-माल पोर्टल से अनिवार्य रूप से जोड़ने हेतु निर्देशित किया गया।
10. महिला उत्पीड़न, महिला संबंधी अपराध, निरोधात्मक कार्यवाही तथा भारतीय न्याय संहिता के तीन वर्षीय
तुलनात्मक अपराधों की थाना वार समीक्षा की गई।
11. लम्बित एस.आर. केस में अपराधवार कृत कार्यवाही की समीक्षा की गई।
12. अनावरण हेतु लंबित मामलों की थानावार समीक्षा की गई एवं संबंधित को तत्काल कार्यवाही करने के संबंध में सख्त निर्देश दिए गए।
13. विभिन्न अपराधों में लंबित विवेचनाओं में अब तक की गई कार्यवाही आदि की समीक्षा की गई एवं संबंधित को महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए गए।
14. वर्ष-2025 एवं उससे पूर्व पंजीकृत अभियोगों के गुणवत्तापूर्ण एवं त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किए जाने हेतु निर्देश दिए गए।
15. पुरस्कार घोषित अपराधियों की गिरफ्तारी हेतु थानास्तर पर पुलिस द्वारा किए गए प्रयासों की समीक्षा की गई।
16. 16. जनपद एवं थाना स्तर पर चिन्हित टॉप-10 अपराधियों के विरुद्ध की गई कार्यवाहियों की अपराधीवार समीक्षा की गई तथा प्रभावी कार्यवाही कराने के निर्देश दिये गये।
17. रासुका/गैंग्स्टर एक्ट धारा 14(1) के अंतर्गत प्रस्तावित प्रकरणों की समीक्षा की गई।
18. समस्त थाना प्रभारियों को थानास्तर पर हिस्ट्रीशीटर अभियुक्तों के हिस्ट्रीशीट की निगरानी करने एवं उनके
भौतिक सत्यापन हेतु निर्देशित किया गया।
19. सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा की गई।
20. थाना स्तर पर लम्बित चरित्र सत्यापनों का थानावार समीक्षा कर यथाशीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए गए।
21. आईजीआरएस/शिकायत प्रकोष्ठ के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का त्वरित एवं गुणवत्ता पूर्ण निस्तारण हेतु सख्त निर्देश दिए गए।
22. जनपद की यातायात व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित रखने हेतु संबंधित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
23. श्रीमान पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश द्वारा चलाए जा रहे अभियान ‘ऑपरेशन कंविक्शन’ माननीय न्यायालयों में लंबित मामलों में अभियोजन पक्ष से सामंजस्य स्थापित कर, प्रभावी पैरवी कराकर दोषी व्यक्तियों को सजा दिलाने के संबंध में प्रभावी कार्यवाही के निर्देश दिए गए।
24. उ0प्र0 माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण नियमावली-2014 के अंतर्गत प्रचलित रजिस्टरों के विधिवत संधारण, अद्यतन प्रविष्टि, प्राप्त प्रार्थना पत्रों/शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण, संबंधित अभिलेखों के सत्यापन तथा प्रकरणों की नियमित समीक्षा सुनिश्चित किए जाने हेतु समस्त संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
25. जनपद में कानून/शांति व्यवस्था सुदृढ़ रखने के दृष्टिगत भीड़भाड़ वाले इलाके, होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, नाका, बॉर्डर आदि स्थानों पर निरन्तर गश्त एवं सघन चेकिंग के निर्देश दिये गये।
