गरौठा।झासी
श्रीराम राजा सरकार सिद्धपीठ हनुमान जी महाराज मंदिर प्रांगण कचीर में चल रही सप्तदिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के
पांचवे दिवस वृन्दावन धाम से पधारीं कथा वाचिका बालव्यास पूजा पाठक जी ने भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं सहित गोवर्धन पूजा एवं अन्नकूट पूजा की कथा का वर्णन किया ।उन्होंने कहा कि
भगवान के जन्म पर नंद महोत्सव के माध्यम से वृन्दावन में नंद बाबा के द्वारा दिये गए दान को लोग संभाल नहीं पाए, उनकी पोटली से ब्रज की बीथियों में स्वर्ण आभूषण बिखर गए, मानो स्वयं लक्ष्मी भगवान के जन्म पर ब्रज में नृत्य कर रही हो।
बाल लीलाओं के वर्णन में उन्होंने कहा कि भगवान के घर दूध दही की कोई कमी नहीं थी लेकिन ब्रज की गोपियाँ अपने हाथों से भगवान को माखन खिलाना चाहतीं थीं। इसलिए भगवान ने गोपियों के मनोरथ को पूर्ण करने के लिए माखन चोरी लीला को माध्यम बनाया। इसके साथ की उन्होंने गोवर्धन कथा,अन्नकूट पूजा आदि कथाओं का भी विस्तृत वर्णन किया। सभी भक्तों ने गोवर्धन महाराज की परिक्रमा करते हुए आरती उतारी। कथा व्यास के भजनों पर भक्तों ने जमकर नृत्य किया।
कार्यक्रम में अतिथि के रूप में अनुज कुमार द्विवेदी (ग्राम प्रधान नागर) सहित कालका प्रसाद यादव हीरानगर, वृन्दावन मिश्रा,धर्मेंद्र कुमार मिश्रा (चुन महाराज) शरीफ खां मौजूद रहे।सभी अतिथियों ने भागवत जी की आरती करते हुए व्यास पीठ से आशीर्वाद प्राप्त किया। संचालन हेमन्त यादव ने किया। बड़ी संख्या में ग्रामवासी एवं क्षेत्रवासी भक्त मौजूद रहे।
