गुरसरांय (झांसी)। एरच रोड पर स्थित सिद्धेश्वर आश्रम पर महंत पन्नालाल जी की स्मृति में चल रहे विष्णु महायज्ञ में यज्ञाचार्य पं अरविंद शास्त्री परसुवा एवं पं ओमप्रकाश पिपरैया के सानिध्य में हवन की आहुतियां डालीं गईं। यज्ञ में चल रही श्रीराम कथा के चौथे दिन पं रामेश्वर प्रसाद पाठक रामायणी ने भगवान के सुंदर विवाह का प्रसंग सुनाया। उन्होंने मिथला प्रसंग का सुंदर वर्णन करते हुए कहा कि भगवान ने अहंकार रूपी धनुष को तोड़ा जो भगवान की सानिध्यता में रहता है। भगवान उसे गले लगा लेते है,और जो भगवान से विमुख रहता है,भगवान उसका खंडन कर देते है। उन्होंने मिथलापुर के नर नारियों की अलौकिक कथा सुनाते हुए भगवान के विवाह में गाई जाने वाले गीतों की प्रस्तुति देकर भाव विभोर किया। कथा की आरती राम मिलन चौहान ने की। इस मौके पर रमेश मौर्य,मेजर अखलेश पिपरैया,के.के तिवारी,राम बाबू शर्मा, लक्ष्मीनारायण घोष,ओपी शर्मा,शिवकुमार तिवारी,ठाकुरदास तिवारी,के एन मिश्रा आदि उपस्थित रहे।
