गुरसरांय(झांसी)। नगर में शिक्षण संस्थाओं द्वारा छात्र-छात्राओं और अभिभावकों के साथ धोखा देकर परेशान किए जाने से लेकर फर्जी संस्थाएं संचालित किए जाने का मामला प्रकाश में आया है हद पार तो जब हो गई कि शिक्षा विभाग के जिला स्तर पर जिम्मेदार अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत पहुंचने के बाद भी गलत तरीके से निस्तारण किए जाने से परेशान हार थक तक कर एक अभिभावक ने आपबीती पूरी घटना लिखित जिलाधिकारी झांसी की चौखट पर अर्जी लगाकर कार्यवाही व न्याय की गुहार लगाई है। बताते चले गुरसरांय में संचालित श्री महावीर बाल शिक्षा संस्कार इंग्लिश अकैडमी गांधीनगर गुरसरांय में सोनम स्वर्णकार पत्नी धर्मेंद्र स्वर्णकार का बेटा आशीष कक्षा 10 में शिक्षा ग्रहण करता था लेकिन उसे और उसके परिवार के अभिभावकों को जानकारी नही थी कि इस विद्यालय के नाम से यह संस्था न होकर अल्पाइन पब्लिक स्कूल ग्वालियर रोड झांसी के नाम से संचालित हो रही है और इंग्लिश मीडियम के नाम से सब्जबाग दिखाकर ऊँची फीसे वसूल रहे हैं और जो छात्र आर्थिक स्थिति से कमजोर होने के चलते समय से फीस नहीं पहुंचने पर उसको स्कूल में प्रताड़ित कर स्कूल से बाहर निकाल दिया जाता था और परीक्षाओं में भी नहीं बैठने नहीं दिया जाता था जिसके चलते सोनम स्वर्णकार का बेटा आशीष कक्षा 10 का छात्र दसवीं में फेल हो गया था और जब छात्र के अभिभावकों ने इस विद्यालय से नाम कटवाया और फीस,टीसी आदि की अभिभावकों से जो वसूली गयी उसकी कच्ची रसीद हाथ से लिखकर उसे थमा दी गई,साथ ही जो टीसी व मार्कशीट छात्र व अभिभावक को दी गई वह श्री महावीर बाल शिक्षा संस्कार इंग्लिश अकैडमी गांधीनगर गुरसरांय की न होकर अल्पाइन पब्लिक स्कूल ग्वालियर रोड झांसी की थी। इस प्रकार कई मामले इस संस्था के वर्तमान में उजागर हुए हैं और जिले के संबंधित शिक्षा अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री पोर्टल तक पहुंचे हैं लेकिन कहीं न कहीं शिक्षा अधिकारियों की कार्यशैली पर भी सवाल पर सवाल उठते नजर आ रहे है कि वर्तमान योगी सरकार का सख्त फरमान है कि स्कूली छात्रों के साथ किसी प्रकार की धोखाधड़ी या लूटपाट करने वाली संस्थाओं के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए लेकिन यहां यह सब गोलमाल दिख रहा है। पिछले कुछ दिनों से झांसी जिले के गुरसरांय नगर में इस शिक्षण संस्था के कई वीडियो भी वायरल हुए हैं। पीड़ित अभिभावका सोनम स्वर्णकार ने बताया कि जिलाधिकारी झांसी को मैंने प्रार्थना पत्र दिया है और उन्होंने काफी गंभीरता से लेकर जल्द न्याय व कार्यवाही का भरोसा दिलाया है। बताते चलें पीड़िता के पति ने इस संबंध में मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल संदर्भ संख्या 40016626020498 पर जो शिकायत की थी उसको शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने फर्जी तरीके से निस्तारण कर दिया था इससे लगता है कहीं न कहीं ऐसी संस्थाओं को शिक्षा विभाग के अधिकारी भी संरक्षण दिए हुए हैं। इसी संस्था की हालत यह है कि बहुमंजिला भवन होने के साथ-साथ यहां पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी नहीं पहुंच सकती है तो दूसरी तरफ इस संस्था द्वारा सरकारी भूमि के नाले पर कब्जा कर इस विद्यालय की बिल्डिंग को खड़ा कर विद्यालय संचालित कर रहे हैं। चर्चा है कि अग्निशमन विभाग से भी जो मापदंड विद्यालय संचालन हेतु होना चाहिए वह भी पूरा न होकर पूरी तरह असुरक्षा व इस संस्था की घोर अनियमितताएं को स्वत: उजागर होती दिख रही है।
