गुरसरांय (झांसी)। उत्तर प्रदेश के गुरसरांय क्षेत्र में विकास कार्यों की गुणवत्ता पर एक बार फिर बड़ा सवालिया निशान खड़ा हो गया है। क्षेत्र में चल रहे सड़क निर्माण कार्य के दौरान बनाई गई एक नई पुलिया निर्माण पूरा होते ही बीच से चटक (दरक) गई है।पुलिया में आई इस गहरी दरार ने लोक निर्माण विभाग और संबंधित ठेकेदार के दावों की पोल खोलकर रख दी है।स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पुलिया के निर्माण में बेहद घटिया दर्जे की सीमेंट,मौरंग और मानकों से कम क्षमता के लोहे का इस्तेमाल किया गया है।सड़क चालू होने से पहले ही पुलिया का यह हाल है। ग्रामीणों को डर है कि भारी वाहनों के गुजरते ही यह पूरी तरह ढह सकती है, जिससे कोई बड़ा हादसा हो सकता है। इसी प्रकार इस सीसी सड़क निर्माण में जगह-जगह गुणवत्ता को नजरअंदाज किया जा रहा है। बताते चलें क्षेत्रवासियों की मांग पर बमुश्किल शासन द्वारा यह सड़क स्वीकृत कर लोक निर्माण विभाग झांसी के द्वारा काम कराया जा रहा है लेकिन पीडब्ल्यूडी के अभियंताओं से लेकर इस काम को कराने वाले ठेकेदार द्वारा जानबूझकर घटिया सामग्री प्रयोग किए जाने से इसकी गुणवत्ता और टिकाऊपन पर काम के पहले ही सवाल पर सवाल उठ रहे है और जनता में घटिया निर्माण को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है क्योंकि यह सड़क चौथा मील सरकार से क्रेशर जोन क्षेत्र के अलावा कई दर्जनों गांव के लोगों के लिए आवागमन का प्रमुख मार्ग है। लेकिन सरकार द्वारा भारी-भरकम धनराशि उपलब्ध कराकर इस क्षेत्र को सड़क की ऐतिहासिक जो सौगात दी है वह लोक निर्माण विभाग और ठेकेदारों की कार्यशैली के चलते जनता व सरकार के लिए मुसीबत बन रही है। इसी प्रकार बड़वार से टोड़ीफतेहपुर लोक निर्माण विभाग द्वारा चौड़ीकरण की जा रही सड़क पर बड़वार के पास और जगह-जगह बनाई जा रही पुलिया एवं सड़क निर्माण में मापक के अनुसार मटेरियल प्रयोग न होने से इसकी गुणवत्ता पर भी सवाल उठने लगे हैं लेकिन लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता से लेकर उच्चाधिकारी मौके पर कार्यवाही के नाम पर चुप्पी साधे हुए हैं।क्षेत्र के लोगों ने लोक निर्माण विभाग और संबंधित ठेकेदारों द्वारा की जा रही घोर लापरवाही के विरुद्ध विभाग के आला अधिकारियों से लेकर शासन से कार्यवाही की मांग की है।
