गुरसरांय(झांसी)। झांसी जिले की गरौठा तहसील में अगस्त-सितंबर माह में प्रकृति के कहर से टूटे किसानों को अब सरकारी सिस्टम का दंश झेलना पड़ रहा है। मूसलाधार बारिश और भीषण अतिवृष्टि के कारण क्षेत्र में खरीफ की मुख्य फसलें—तिल, उड़द, मूंग और मूंगफली 80 से 100 प्रतिशत तक पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं। बेमौसम बारिश ने न सिर्फ खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद कीं,बल्कि कई गरीब ग्रामीणों के आशियाने (कच्चे मकान) भी धराशायी कर दिए।शासन-प्रशासन ने आपदा के तुरंत बाद अधिकारियों को ‘तत्काल राहत राशि’ वितरित करने के कड़े निर्देश दिए थे। परंतु,जमीनी हकीकत यह है कि गरौठा तहसील में पीड़ितों को मुआवजा देने की प्रक्रिया बेहद सुस्त रफ्तार से चल रही है। हफ्तों बीत जाने के बाद भी पीड़ित किसानों और बेघर हुए परिवारों को फूटी कौड़ी तक नसीब नहीं हुई है| उत्तर प्रदेश सरकार के आपदा राहत नियमों के तहत प्रभावित किसानों के लिए निम्नलिखित आर्थिक मदद स्वीकृत है: ₹8,500 प्रति हेक्टेयर की दर से फसल नुकसान का मुआवजा। ₹17,000 अधिकतम राहत राशि (एक किसान को अधिकतम 2 हेक्टेयर के लिए)। कच्चे मकानों के लिए भी अलग से आर्थिक सहायता का प्रावधान। कागजों में दौड़ रहा प्रशासन, जमीन पर किसान परेशान” त्योहारों और रबी फसल की बुवाई के इस महत्वपूर्ण समय पर किसानों के पास पूंजी का भारी संकट खड़ा हो गया है। एक तरफ बैंकों का कर्ज और दूसरी तरफ परिवार चलाने की चिंता में किसान तहसील के चक्कर काट रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों किसानों का आरोप है कि सर्वे के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है और राहत राशि की फाइलें दफ्तरों में धूल फांक रही हैं। भारतीय किसान यूनियन (आजाद हिंद) के युवा जिलाध्यक्ष हरनारायण सिंह घोष ने गरौठा तहसील प्रशासन की इस घोर लापरवाही पर तीखा हमला बोला है। कहा कि अतिवृष्टि ने पहले ही अन्नदाता की कमर तोड़ दी है और अब प्रशासनिक सुस्ती उनके जख्मों पर नमक छिड़कने का काम कर रही है। मुख्यमंत्री के साफ निर्देशों के बावजूद गरौठा तहसील में मुआवजे का काम लटका कर रखा गया है। भाकियू (आजाद हिंद) मांग करता है कि प्रत्येक पीड़ित किसान के खाते में ₹8,500 प्रति हेक्टेयर (अधिकतम ₹17,000) और मकान क्षति की राहत राशि अविलंब ट्रांसफर की जाए।एवं किसानों से राजस्व कर्मचारियों द्वारा कर्मचारियों द्वारा नियुक्त दलालों किसानों से रुपये की वसूली पर उचित कार्यवाही हो प्रशासन अपनी कछुआ चाल बदले और जल्द मुआवजा वितरण शुरू किया जाए।
