गुरसरांय(झांसी)। नगर में मुहर्रम का पर्व बेहद शांतिपूर्ण और अकीदत के साथ संपन्न हुआ। यौम-ए-आशूरा पर कर्बला के शहीदों की याद में निकाले गए पारंपरिक ताजिया पूरी गरिमा और आपसी भाईचारे के साथ देर रात स्थानीय कर्बला में सुपुर्द-ए-खाक किए गए।दोपहर बाद कस्बे के विभिन्न मुहल्लों से ताजिए अपने पारंपरिक रास्तों से होते हुए मुख्य जुलूस में शामिल हुए। इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में ‘या हुसैन’ की सदाओं के साथ मातमी धुनों के बीच जुलूस आगे बढ़ा। जुलूस में शामिल अकीदतमंदों ने कर्बला के शहीदों की शहादत को याद किया। इसके बाद देर रात सभी ताजियों को पूरी अकीदत के साथ कर्बला पर सुपुर्द-ए-खाक किया गया।प्रशासन और कमेटी की सजगता समारोह को शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए स्थानीय प्रशासन,शांति समिति के सदस्यों और गणमान्य सामाजिक संगठन/समिति द्वारा जुलूस मार्ग पर ताजियादारों और अखाड़े के उस्तादों का फूल-मालाओं और शॉल से स्वागत व सम्मान किया गया।वही हमेशा समाजसेवा में अग्रणी भूमिका निभाने वाले भाजपा समर्थक मंच के बुंदेलखंड प्रभारी शौकीन खांन को भी स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। ताजियादारों ने इस सम्मान के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के प्रयास समाज में आपसी प्रेम,विश्वास और सांप्रदायिक सौहार्द को और मजबूत करते हैं। जुलूस के शांतिपूर्ण संचालन के लिए पुलिस और स्थानीय प्रशासन मुस्तैद नजर आया। जुलूस में उमड़े भारी जनसैलाब को देखते हुए लग रहा था प्रशासन ने पहले ही अपनी रणनीति शांति व कानून व्यवस्था का शत-प्रतिशत पालन हो के लिए पुलिस कप्तान बीबीजीटीएस मूर्ति के निर्देशन में पुलिस अधीक्षक ग्रामीण डॉक्टर अरविंद कुमार,थाना प्रभारी इंस्पेक्टर विद्यासागर सिंह सहित नगर गुरसरांय और क्षेत्र का भारी संख्या में महिला व पुलिस बल चप्पे-चप्पे पर तैनात था जिससे यह मुहर्रम पर्व पूरी तरह शांति और सुरक्षा के साथ-साथ हर्षोल्लास भव्यता के साथ संपन्न हुआ। कस्बे के वरिष्ठ नागरिकों और आयोजन कमेटी ने शांतिपूर्ण ढंग से कार्यक्रम संपन्न होने पर स्थानीय प्रशासन और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर शौकीन खांन भाजपा समर्थक मंच के बुंदेलखंड प्रभारी,युवा समाजसेवी अख्तर राईन,साकिर खाँन,सनी खांन,अकरम खांन,सद्दाम खांन,सादिक खांन,गफ्फर राईन,शरीफ राईन,जाकिर खान,रिजवान खान बाबूजी,जावेद अली,साना,छोटू राईन,फरदीन खान,इमामी मंसूरी,शोइब खान,शेखू,बल्लू चाय वाले,राज खाँन,अली माते,इमाम खाँन,मौसम खाँन सहित बड़ी संख्या में सभी समाज के लोगों ने मौजूद रहे।
