गुरसरांय (झांसी)। उत्तर प्रदेश सरकार के सख्त फरमान के बाद भी किसानों को गुरसरांय में सरकारी खरीद केन्द्रों पर अपने गेहूं से लेकर मसूर आदि उपजें बेचने में लग रहा है सुविधा शुल्क न देने के चलते उनकी उपज की सरकारी खरीद केन्द्रों पर गुरसरांय मंडी में भारी अन्याय व उनके साथ शोषण हो रहा है यहां तक की 4 मई 2026 को ऑनलाइन बिक्री हेतु किसानों ने एक केंद्र पर पंजीयन कराया था और यह लोग ट्रैक्टरों पर माल लादे हुए बिक्री के लिए लगभग 15 दिनों से खड़े हुए हैं लेकिन सुविधा शुल्क न देना उनको भारी पड़ रहा है 19 मई मंगलवार को शाम 5:00 बजे के बाद भी उनका गेहूं नहीं तोला जा सका था और संबंधित बिक्री केंद्र का एसएमआई किसानों को बारदाने आने का अभाव बता कर उनका गेहूं नहीं खरीद रहा था जबकि गर्मी पूरी अपनी जवानी पर है और किसान बेचारा दर-दर की ठोकरें खा रहा है उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से यह तस्वीर उभर कर सामने आ रही है की शासन के सख्त निर्देशों के बाद भी और जिला प्रशासन के आदेश पर यहाँ कोई गौर नहीं हो रहा है जांच के लिए जो नोडल अधिकारी बनाए गए हैं वह सिर्फ खरीद केन्द्रों पर औपचारिकता करने आते हैं और कहीं ना कहीं इनके द्वारा गंभीर अनियमिताएं कर रहे खरीद केन्द्रों वालों पर कोई कार्रवाई न होकर उन्हें संरक्षण दिया जा रहा है जिससे किसान बुरी तरह ठगा जा रहा है और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की छवि धूमिल करने के लिए सरकार से मोटी पगार और सुविधाएं लेने वाले अधिकारी ही सरकार की योजनाओं को दफनाने में लगे हुए हैं। 19 मई 2026 मंगलवार को एक सरकारी अधिकारी जांच के नाम पर क्या कर रहे है यह तस्वीर खुद बता रही है तो दूसरी तस्वीर 15 दिन से जो ट्रैक्टर 4 मई को ऑनलाइन पंजीयन कराने के बाद भी 19 मई तक अपना माल बेचने में परेशान चल रहे हैं और उनको खरीद केंद्र वालों से डर है की कहीं उन्होंने शिकायत की तो माल उनका नहीं खरीदा जाएगा उल्टा फसाने की धमकी से भयभीत कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
