गुरसरांय (झांसी)। उत्तर प्रदेश सरकार लगातार किसानों को उनकी खेती में पानी समय से मिल सके नहरों की सफाई से लेकर मरम्मत के लिए करोड़ों रुपया खर्च कर रही है लेकिन झांसी जिले की बेतवा प्रखंड के उपखंड तृतीय नहर गुरसरांय में सफाई और मरम्मत के नाम पर लग रहा है लंबा चौड़ा खेल हुआ है। जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।गुरसरांय मुख्य नहर,गढवई नहर सहित कई माइनरों पर सफाई सही तरीके से न होने से भारी चोई व कई खरपतवार जम जाने से पानी का बहाव पूरी तरह रुक गया है जिससे किसानों को गेहूं के लिए पानी की सख्त जरूरत है और गुरसरांय नहर से संबंधित कई नहर माइनरों का रोस्टर में नहरों का चलना दिखाया जा रहा है लेकिन सच्चाई यह है की दिन-रात 14 फरवरी को किसान पानी के लिए दिन-रात जागने के बाद भी उन्हें उनकी फसलों के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है और संबंधित विभाग के अधिशासी अभियंता से लेकर सहायक अभियंता बेतवा उपखंड गुरसरांय मौके से नदारद है और किसानों की कोई सुनने वाला नहीं है। बताते चलें 14 फरवरी से पहले ही तापक्रम बढ़ गया है जिसके चलते अगर यह पानी नहीं मिलता है तो गेहूं का भारी उत्पादन गिर सकता है जिसकी किसानों को चिंता बढ़ गई है क्योंकि खरीफ की फसल वैसे भी गुरसरांय,गरौठा क्षेत्र की अधिक पानी वर्षा से बर्बाद हो चुकी थी क्षेत्र के किसानों ने इस संबंध में जल्द बड़ी कार्रवाई कर किसानों को पानी उपलब्ध कराई जाने की मांग की है साथ ही दोषी अधिकारियों के विरुद्ध इस संबंध में उच्चस्तरीय जांच करा कर कार्रवाई की मांग की है ताकि किसानों के साथ बार-बार इस प्रकार की परेशानी की पुनरावृत्ति ना हो सके।
