गुरसरांय(झांसी)। 31 जनवरी शनिवार को गरौठा में देशव्यापी यूजीसी बिल के विरोध में सवर्ण समाज एवं बार संघ गरौठा के सभी अधिवक्ताओं ने संयुक्त रूप से राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी गरौठा का एरच मे किसी विभागीय सरकारी काम से होने के कारण तहसीलदार गरौठा अमृतलाल को सौपा। ज्ञापन में तहसील गरौठा क्षेत्र के समस्त सवर्ण समाज संगठनों ने सहभागिता की। इस दौरान उपस्थित वक्ताओं ने एक स्वर में यूजीसी बिल को “काला कानून” बताते हुए कहा कि यह कानून समाज को बाँटने का कार्य कर रहा है,जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। सभी स्वर्ण समाज संगठनों ने एकजुट होकर इस बिल का विरोध करने का आवाहन किया। उपस्थित लोगों ने बताया कि हम लोगों का किसी जाति या वर्ग से विरोध नहीं है। हमारा विरोध इस सवर्ण विरोधी कानून से है, जिसमें सवर्ण को सीधा गुनहगार घोषित कर दिया गया है। यदि यह कानून वापिस नहीं किया तो आज यह एक बैठक थी कल सड़कों पर उतर कर इस कानून को वापसी के लिए आवाज उठाएंगे और सरकार को कानून वापिस लेने के लिए मजबूर किया जाएगा।इस बिल को ‘काला कानून’ बताते हुए कहा कि यह आने वाली पीढ़ी के लिए घातक होगा। ब्राह्मण,क्षत्रिय और वैश्य समाज एकजुट होकर इस कानून का पुरजोर विरोध करेंगे। ज्ञापन देने वालों मे अनुज द्विवेदी,जगजीवन मिश्रा,सार्थक नायक,रमेश पटेरिया,राजकुमार गुप्ता,वरुणकांत त्रिपाठी,रासबिहारी तिवारी,अभिषेक वशिष्ठ,महेस्वरी शरण द्विवेदी,रामजी विदुआ,हर्ष पाठक,सौरभ पिपरैया,योगेश व्यास,मोनू मिश्रा,राघवेंद्र नायक,हरिओम गुप्ता,प्रशांत,सौरभ द्विवेदी,कोमल राजावत,सतेंद्र प्रताप,सत्यम सिंह,दीपक पाठक,रामजी,अमित पस्तोर,मोहित मिश्रा,रेखा परिहार,प्रीति द्विवेदी वही अधिवक्ता संघ से वीरेन्द्र सिंह सेंगर अध्यक्ष,रामसेवक पाठक,राजेश परिहार,योगेश द्विवेदी,सुशील पाठक,विवेक त्रिपाठी,प्रदीप अडजरिया,विपिन दुबे,श्याम किशोर मिश्रा,नीतेश दीक्षित,शशिलता दुबे,शहनदा असलम,अनेक यादव,विपिन द्विवेदी,संजय रिछारिया,विपिन राजपूत,शिवेन्दृ परिहार,अभय सेंगर,अवधेश प्रताप सिंह,सूरज यादव,पुष्पेन्द्र सोनकिया,संजय गुप्ता,दुष्यत सक्सेना सहित सैकड़ो सभी स्वर्ण समाज के लोग उपस्थित रहे।
