गुरसरांय(झांसी)। जनपद झाॅंसी में हुई 27 से 31 अक्टूबर के मध्य हुई बेमौसम बारिश से झाॅंसी जिले की सभी तहसीलों के किसानों की धान की फसलों को नुकसान हुआ और रबी की फसल मसूर,मटर,चना,गेहूँ,जवा आदि फसलों को भारी क्षति हुई। गरौठा तहसील में बोई गई रबी फसल मसूर,मटर,चना,गेहूँ आदि फसल नष्ट हो गई हैं। किसानों को दोवारा बोहनी करनी पड़ी। किसानों के खेत का सर्वे आदि नहीं किया गया। राजस्व कर्मचारियों शासन,प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों क्षेत्रीय विधायकों सांसदों आदि की उदासीनता के चलते किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों को नष्ट फसलों का मुआवजा नहीं मिल पा रहा है। लेखपाल आदि कोई भी राजस्व कर्मचारी किसानों के द्वारा अवगत कराने पर भी गांवों में खेतों का सर्वेक्षण के लिए नहीं जाते हैं और जनप्रतिनिधियों को केवल एक ही तहसील में सिर्फ धान की फसलों को नुकसान नजर आया है जबकि किसानों को उर्द,तिल,धान आदि खरीफ की सभी फसलें नष्ट हुई है और रबी फसल मसूर,मटर,चना,गेहूँ आदि भी नष्ट हुई है। शासन से जनप्रतिनिधियों द्वारा सिर्फ धान की फसल के नुकसान सिर्फ एक ही तहसील के लिए मुआवजा राशि की मांग की गई।जनप्रतिनिधियों द्वारा किसानों के साथ ये दुआ भांति क्यों? क्या रबी फसल मसूर,मटर,चना,गेहूँ आदि फसलों को नुकसान नहीं हुआ। गरौठा तहसील में किसानों के खेतों का सर्वे क्यों नहीं किया गया। गरौठा तहसील के किसानों को उर्द,तिल आदि नष्ट फसलों का ना मुआवजा मिला और ना बीमा राशि मिल रही एवं खरीफ 2025 की नष्ट फसलों का भी गरौठा तहसील के किसानों को मुआवजा एवं बीमा राशि नहीं मिला खरीफ 2024 की बीमा राशि देने में लापरवाही बरती गई थी किसी को 300 रुपये तो किसी को 1700 रुपये बीमा राशि दी गई थी। शासन,प्रशासन,सरकार जनप्रतिनिधि सभी मौन हैं। झाॅंसी जिले की सभी तहसीलों में खरीफ 2025 की तिल उर्द धान आदि सभी फसलों को नुकसान हुआ है। सभी तहसीलों में सभी किसानों को नुकसान का किसानों को उचित मुआवजा एवं बीमा राशि दिलवाए जाने को लेकर क्षेत्र के किसानों से लेकर विभिन्न किसान संगठनों ने गरौठा तहसील क्षेत्र के किसानों को खरीफ की फसल 2025 में 80 फीसदी से भी अधिक क्षति हो जाने के बाद भी आपदा प्रबंधन से शासन द्वारा कोई राहत राशि किसानों को न मिलने पर किसानों में रोष व्याप्त है। किसानों का कहना है कि यह सब पहचान पहचान कर हो रहा है और झांसी जिले में मोठ तहसील व कुछ अन्य तहसीलों में यह मुआवजा राशि भेजी जाना बताई जा रही है जबकि गरौठा तहसील में इस ओर प्रशासन से लेकर शासन ने कोई ध्यान नहीं दिया। क्षेत्र के किसानों ने जल्द उक्त आपदा राशि निर्गत करने के साथ साथ संकट की इस घड़ी में किसानों के साथ वसूली में हो रही तानाशाही को जल्द रोकने की मांग की है।
