झाँसी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बी.बी.जी.टी.एस. मूर्ति ने जनपद में नये आपराधिक कानूनों के संबंध में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम पं. दीनदयाल सभागार एवं थाना प्रेमनगर क्षेत्रांतर्गत सेंट उमर इंटर कॉलेज, झाँसी में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में पुलिस कर्मी, छात्र-छात्राएँ, अध्यापकगण, अधिवक्तागण एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में एसएसपी ने देश में लागू किए गए तीन नये आपराधिक कानूनों — भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन नये कानूनों का उद्देश्य न्याय प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, त्वरित और पीड़ित-केंद्रित बनाना है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मूर्ति ने पुलिस कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि जांच प्रणाली में प्रौद्योगिकी और डिजिटल साक्ष्यों का प्रयोग अब अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया है। नये कानूनों में अपराध की सूचना दर्ज करने से लेकर चार्जशीट दाखिल करने तक की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है। उन्होंने विशेष रूप से यह भी बताया कि महिला एवं बच्चों से संबंधित अपराधों में त्वरित और संवेदनशील कार्यवाही की व्यवस्था की गई है।
इसके अलावा, कार्यक्रम में उपस्थित अध्यापकगण एवं छात्र-छात्राओं को भी इन कानूनों के तहत उनके अधिकारों और कर्तव्यों की जानकारी दी गई। एसएसपी ने युवाओं से अपील की कि वे कानून की जानकारी रखें, अफवाहों से दूर रहें और सोशल मीडिया पर केवल सत्यापित जानकारी ही साझा करें।
उन्होंने कहा कि इन नये कानूनों से न केवल पुलिस व्यवस्था सशक्त होगी, बल्कि समाज में विधिक जागरूकता और विश्वास भी बढ़ेगा। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि वे कानून को समझें और अपने आस-पास के लोगों को भी जागरूक करें, ताकि एक कानूनसम्मत और जिम्मेदार समाज का निर्माण हो सके।
