गुरसरांय(झांसी)। 30 अक्टूबर गुरुवार को प्रातः 4:30 बजे से पानी बरसना चालू हुआ जो गुरसरांय समेत पूरे आसपास क्षेत्र में शाम 7:00 बजे तक बरस रहा था और दिनभर लोगों को वर्षा के चलते सभी काम-काज को ब्रेक लगते देखा गया तो दूसरी ओर ठंड भी इतनी बढ़ गई कि अचानक लोगों ने गर्म कपड़े पहनना चालू कर दिया। उधर दूसरी ओर रबी की फसल की जो बोनी हो चुकी थी उसमें बिजगुडी (बीज जमना) असंभव हो गया है इससे खरीफ फसल की बर्बादी झेल रहा किसान के सामने एक बार फिर आफत की यह बैमौसम वर्षा भारी पड़ी। आज स्कूल से लेकर सभी कार्यालयों में और बाजार में आवाजाही न के बराबर ठंड व बरसात के कारण रही। बताते चलें खरीफ में 80 फ़ीसदी के ऊपर गुरसरांय-गरौठा क्षेत्र में फसलें बर्बाद हो गई थी जिसका सरकार द्वारा कोई भी मुआवजा नहीं दिया गया है उधर संकट पर संकट रबी फसल में बुबाई के दौरान बैमौसम वर्षा किसानों पर भारी पड़ रही है और राज्य सरकार को चाहिए कि जल्द से जल्द खरीफ फसल का मुआवजा किसानों को दिलाया जाए और रबी फसल बुबाई के लिए खाद बीज की जल्द से जल्द व्यवस्था के साथ-साथ जो किसान रबी की फसल बो चुके हैं और वर्षा से उनकी फसल जमने की कोई उम्मीद नहीं है उन्हें भी राहत दिया जाए।
