समथर (झांसी)- नगर व ग्रामीण क्षेत्र के श्रद्धालु भक्तों ने ह्रदय भाव से नौ दिन की सेवा पूर्ण करके बड़े धूमधाम से गाजे बाजे के साथ निकाले मां जगत परमेश्वरी शेरावाली के जवारों के घट खप्पर । और मां भक्ति में मग्न होकर झूमते नाचते व भजन गाते हुए चढ़ायें मां के दरबार में जवारे। नौ दिन की सेवा सम्पन्न होते ही आज समथर नगर के श्रद्धालु भक्तों ने अपने घरों में बोये हुए मां के जवारों के घट खप्परों की विधि विधान से पूजा अर्चना की व आरती करके जयकारा लगाया। इसके उपरांत सभी श्रद्धालु भक्तों ने चरण वंदन कर मां आशीर्वाद लिया और इसके पश्चात श्रद्धालु भक्त बड़े धूमधाम से गाजे बाजे के साथ मां भवानी के जवारों के घट खप्परों को किले के प्रांगण में स्थित बड़ी माता के मंदिर में ले गये।जहां मां शीतला माता कामाख्या माता की पूजा अर्चना व आरती कर जयकारा लगाया। और मां के जवारे चढ़ाकर उनके चरण वंदन कर नौ दिन की सेवा का आशीर्वाद प्राप्त किया।कुछ श्रद्धालु भक्तों ने ध्वार की शीतला माता माता,रतन गढ़ वाली, बैरागढ़ वाली आदि सिद्ध स्थानीय मंदिरों के लिए जवारे बोये थे।उन श्रद्धालु भक्तों ने सेवा पूर्ण कर बोले हुए मां के स्थानीय सिद्ध पीठ मंदिरों में जाकर मां के जवारो को चढ़ाकर मां के चरण वंदन कर नौ दिन की सेवा का आशीर्वाद प्राप्त किया।मातायें और बहिनें भी अपने अपने सिर पर जवारों के घट खप्पर लेकर साथ में मंदिरों में गईं और जवारे चढ़ाकर चरण वंदन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। श्रद्धालु भक्त मां के मंदिरों में जवारों के घट खप्परों को ले जाते समय भक्ति में मग्न होकर खूब झूमे नाचे। वहीं नगर नगर के श्रद्धालु भक्तों ने नौ दिन की सेवा पूर्ण मंदिरों में जाकर प्रसाद लगाया और चरण वंदन कर आशीर्वाद प्राप्त किया नगर के सभी मंदिरों लंगड़ आयोजित कर श्रद्धालु भक्तों द्वारा प्रसाद वितरण किया गया। नगर के सभी मंदिरों में नवमी के दिन दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था को द्रष्टि गत रखते हुए हर जगह स्थानीय पुलिस मौजूद रही।
