गुरसरांय (झांसी)। मुनाफाखोरों द्वारा तरह-तरह के हथकंड़े अपना कर किसानों के सामने खाद की समस्या पैदा कर दी गई है और किसान गुरसरांय गरौठा क्षेत्र का बुरी तरह अधिकारियों द्वारा चौकस व्यवस्था न करने से किसानों को दिन-दिन भर लगभग एक माह से समितियों पर चक्कर लगाने के बाद भी उन्हें खाद मुहैया नहीं हो पा रही है। खाद की कालाबाजारी से लेकर मिलावटी खाद मुनाफाखोरों द्वारा बेचने का गोरख धंधा जारी है। लेकिन सहकारिता विभाग से लेकर कृषि विभाग के अधिकारियों ने गरौठा तहसील क्षेत्र अंतर्गत आए दिन भारी अनियमितताओं की आई शिकायतों और चर्चा के बाद कोई भी कार्यवाही शासन के सख्त आदेशों के बाद भी न करने से मुनाफाखोरों के हौसले बुलंद है और कहीं ना कहीं संबंधित विभाग के अधिकारी मुनाफाखोरों को संरक्षण देने की ओर इशारा उजागर हो रहा है और 1 अक्टूबर को उपजिलाधिकारी ने गरौठा नगर के ककरवई तिराहे से एक ट्रक खाद पकड़ा, जिसे बाद में गरौठा पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। इसके संबंध में कृषि विभाग को भी सूचना दी गई।कृषि विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुँचकर ट्रक में भरी खाद का सैंपल लिया और गुणवत्ता परीक्षण के लिए भेज दिया। पुलिस क्षेत्राधिकारी गरौठा असमा वकार ने बुधवार को दोपहर 1:00 बजे बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि गरौठा तहसील की किसी भी समिति पर यह खाद नहीं मंगाई गई थी। फिलहाल ट्रक को पुलिस हिरासत में रखा गया है और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। पकड़े गए इस एक ट्रक का खाद पर वह तो डिप्टी कलेक्टर गरौठा सुनील कुमार और डिप्टी एसपी गरौठा असमा वकार के संज्ञान में यह मामला आने पर उक्त दोनों अधिकारियों ने मुनाफाखोरों के विरुद्ध जो एक्शन लिया है वह सहकारिता विभाग से लेकर जिला कृषि विभाग की लापरवाही के लिए जिंदा उदाहरण है क्योंकि क्षेत्र का किसान इस समय जहां आर्थिक तंगी से गुजर रहा है तो दूसरी ओर मुनाफाखोर अपनी तरह-तरह की विधि अपना कर किसानों को लूटने में जुटे हुए हैं क्षेत्र के जागरूक लोगों ने जिला प्रशासन से लेकर उत्तर प्रदेश शासन से सहकारी समितियों से लेकर प्राइवेट दुकानों आदि जगह अभी तक भेजी गई खाद की वितरण प्रणाली क्या रही है इसकी स्टॉक और किसानों की वितरण सूची अनुसार विस्तृत जांच कराकर सख्त कदम उठाने की पहल की है।
