झाँसी- आनन्द सिंह के प्रेमनगर थानाध्यक्ष रहते ,मेरे द्वारा इन्हें आई0पी0एल0 पर सट्टा लगवाने वाले लोगों के नाम बताए गये थे, कुछ लोगों के नम्बर भी उपलब्ध करवाये गये थे जिनको इनके द्वारा पकड़कर मोटी रकम वसूलकर जो करीब 50 लाख रूपये सूत्रों द्वारा बताई गई है धर्मेन्द्र साहू व उसके गुर्गो को इनके छोड़ दिया गया । इसके बाद कोतवाली में रहते हुये व मऊरानीपुर रहते हुये भी यह सट्टा किंगों से रूपया प्राप्त करते रहे । जब लाईन में चले गये तो उन लोगों ने रूपया देना बन्द कर दिया जिसको लेकर यह खुन्नस में रहने लगे और जब इन्हें सीपरी थानाध्यक्ष का चार्ज मिला तो इनके द्वारा पुनः धर्मेन्द्र साहू से सम्पर्क स्थापित कर रूपया प्राप्त करने का प्रयास किया जब बात नही बनी तो कुछ लोगां को व धर्मेन्द्र साहू को पकड़कर जेल भेज दिया परन्तु पुनः डील हो जाने के कारण हल्की धाराओं में चालान कर दिया । 6 दिन में ही धर्मेन्द्र साहू बाहर आ गये और अपना कारोबार और बड़े स्तर पर संचालित करने लगे । जबकि इनके द्वारा कहा गया था कि गैंगस्टर की कार्रवाई करेंगे
प्रेमनगर थानाध्यक्ष रहते हुये मेरी सूचना पर धर्मान्तरण का मामला पकड़ा गया था जिसमें आनन्द सिंह के द्वारा मुख्य आरोपी जो काला कोट पहने हुये थी व अपने आप को वकील बता रही थी उससे डील कर मोटी रकम लेकर थाने लाकर छोड़ दिया व बाकी लोगों को इस केस में बन्द कर दिया ।
सीपरी थानध्यक्ष बनने के बाद सेक्स रैकेट पकड़ने गये जो किसी के मकान में चलाया जा रहा था यहां पर भी स्वयं सादा कपड़ों में गये जबकि इनसे उच्च स्तर तक के अधिकारी पुलिस की वर्दी में थे । यहां भी मुख्य अभियुक्त को रूपयों की डील हो जाने के बाद आज तक कुछ नही किया जबकि मीडिया में स्टेटमेंट दिये कि मकान मालिक के खिलाफ भी कठोर कार्यवाही करेगें ।
आनन्द सिंह अपने आप को ए0डी0जी0 लॉ एण्ड आर्डर अमिताभ यश का खास आदमी बताते है इसलिए अपने ऊपर के सी0ओ0 एसपी सिटी एस एस पी और उसके ऊपर के अन्य अधिकारियों को कुछ नही समझते है। इनका व्यवहार सहकर्मियों, आम जनता , महिलाओं व मीडियाकर्मियों के साथ भी अशोभनीय अमरयादित व असम्मानजनक रहता है। सभी से गाली गलौज के साथ बात करते हैं
जेसीबी थाने में अभी तक पोस्टिंग हुई है वहां अपने मन मुताबिक चौकी इंचार्ज सहित संपूर्ण स्टाफ की पोस्टिंग करा लेते हैं झांसी में जुआ सट्टा अवैध मादक पदार्थ बेचने वालों को संरक्षण देते हैं जिसके कारण झांसी के व बुंदेलखंड के युवाओं का भविष्य खराब हो रहा है
दिनांक 13.02.2025 को इनके द्वारा फोन कर अर्पित शर्मा को थाने बुलाया गया था जहां पर 30-35 असमाजिक तत्वों के साथ विनोद अवस्थी विकास अवस्थी कंपू अवस्थी को थाने में पहले से ही बैठाले हुये थे उसके बाद इन्ही असमाजिक तत्वों ने जब दीपक वर्मा व अर्पित शर्मा इनसे मिलकर थाने से निकलकर गये तो हीरोज ग्राउण्ड के सामने उनकी मोटर साईकिल में अपनी सफेद रंग की कार से टक्कर मार दी और लाठी-डण्डों से मारकर घायल कर दिया और गाड़ी में डालकर अपहरण कर ले जाने का प्रयास किया परन्तु लोगों के चिल्लाने पर वहीं छोड़कर भाग गये जिसका मेडिकल भी पुलिस के द्वारा करवाया गया परन्तु रिपोर्ट दर्ज नही की गई। यह अर्पित शर्मा को इनके द्वारा बुलाया गया था यह बात 13.02.2025 की अर्पित शर्मा मोबाईल नं0 9026322962 व आनन्द सिंह के मोबाईल नं0 7007367001 एवं 9415175395 की सी0डी0आर0 निकालकर चैक की जा सकती है। दो बार फोन आनन्द सिंह ने दिनांक 13.02.2025 को सुबह 11ः00 से 12ः30 के बीच किये ।
दिनांक 28.03.2025 को आनन्द सिंह के द्वारा जब मैं स्वयं लहर की देवी मंदिर रामनवमी की यात्रा की मीटिंग अटेण्ड कर लौट रहा था तो अत्रि गार्डन के सामने राठौर नर्सिग होम पर उसी सफेद रंग की गाड़ी से कम्पू अवस्थी, विकास अवस्थी व गाड़ी में बैठे तीन अन्य लोग एवं पीछे से आ रही मोटरसाईकिलों पर सवार 7-8 लोगों द्वारा टक्कर मार कर मुझे जान से मारने का प्रयास कर घायल किया गया व गाड़ी में डालकर अपहरण कर लिया व मरणासन्न नहर के किनारे छोड़कर एवं अंगूठियां, पर्स, मोबाईल लूटकर मुझे नहर के किनारे फेंक दिया गया जिसका मुकदमा सं0 118/25 धारा 140(1), 310(2), 311, बी0एन0एस0-2023 दिनांक 29.03.2025 को बड़ी मुश्किल से आनन्द सिंह के द्वारा अपहरण, प्राणघातक हमला व डकैती की धाराओं में कायम किया गया परन्तु साफ कहकर हम धारायें हटा देगें व मुख्य धारायें हटा दी गई । मैनें दिनांक 09.04.2025 को विवेचना झॉसी से ललितपुर श्रीमान डी0आई0जी0महोदय झॉसी को प्रार्थना पत्र देकर स्थानान्तरित करा ली उसके बाद भी आनन्द सिंह द्वारा सी0सी0टी0वी0 फुटेज व केस डायरी ललितपुर स्थानान्तरित नही की गई एवं कोर्ट में सी0सी0टी0वी0 फुटेज नही दिखाये गये जिससे अपराधियों की जमानत हो गई जो झॉसी में खुलेआम घूमकर मुझे पुनः जान से मारने की धमकी दे रहे है।
मेरी सोने की अंगूठी व मोबाईल भी इन्ही के पास है। मुकदमा लिखने के बाद भी मेरा मोबाईल सर्विलांस पर नही लगवाया गया ।
इनके रिश्तेदारों एवं अन्य लोगो के नाम से 6-7 ईट के भट्टे है जो इनके द्वारा नौकरी में आने के बाद लगवाये गये है। इसके साथ ही फोरच्यूनर गाड़ी जिससे हर शनिवार को बिना अधिकारियों को बताये थाना छोड़कर दतिया जाते है इसकी जांच टोल पर लगे सी0सी0टी0वी0 फुटेज से की जा सकती है।
अभी हाल ही में प्रभारी मंत्री वी पूर्व राज्यपाल बेबी रानी मौर्य जी के द्वारा आनंद सिंह को महिला की शिकायत पर बुलवाया गया परंतु उनके द्वारा मंत्री जी एवं महिला से भी अभद्रता कर दी गई जनप्रतिनिधियों से भी भद्रता करने के आदी हैं आनन्द सिंह किसी थाने में इंस्पेक्टर रहने लायक है ही नही, इन्हें पुलिस लाईन भेजा जाये और इनके द्वारा अभी तक सर्विस में रहते हुये जो आय से अधिक सम्पत्ति अर्जित की गई है उसकी जांच कराकर कुर्क की जाये क्योंकि आनन्द सिंह गुण्डे, बदमाशों को पालने के आदी है । मेरे ऊपर प्राणघातक हमला व दीपक वर्मा तथा अर्पित शर्मा के ऊपर प्राणघातक हमला आनन्द सिंह की मिलीभगत से विनोद अवस्थी व उनके पुत्रों विकास अवस्थी व कम्पू अवस्थी जो दोनों वाउन्सर है के द्वारा किया गया है। इनके सम्बन्धों की जांच विनोद अवस्थी, कम्पू अवस्थी, विकास अवस्थी के मोबाईलों की सी0डी0आर0 निकलवाकर आनन्द सिंह व एस0आई0 सुरेन्द्र कुमार सिंह जिनका मोबाईल नं0 8707624543 है से मिलान कर की जा सकती है। इनको सिर्फ रूपया प्यारा है वो मिलना चाहिए किसी भी घटना को किसी भी प्रकार से स्वयं बयान लिखकर परिवर्तित करने में व अपने अधिनस्थों से परिवर्तित करवाने में आनन्द सिंह माहिर व्यक्ति है। हम लोगों के द्वारा कि बयान के रूप में हम अपना एफिडेविट देगें उसके बाबजूद इनके द्वारा मनमाफिक बयान लिखकर अपराधियों की मदद की गई है।
अभी हाल ही में आर0टी0ओ0 के प्रदूषण सेन्टर जो अम्बावाय में स्थित है पर छापा मारकर 8 लोगों के गिरफ्तार किया गया है परन्तु मुख्य अभियुक्त सेन्टर चलाने वाले को छोड़ दिया गया ।
महोदय, आनन्द सिंह के थानाध्यक्ष बनने के बाद सीपरी थाना क्षेत्र में क्राईम का ग्राफ बढ़ा है क्योंकि इनके द्वारा गुण्डे, बदमाशों को संरक्षण प्रदान किया जाता है।
अभी कुछ दिन पूर्व इन्होंने अपने स्टाफ से कहा की एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश सब मेरे घर आए थे
