गुरसरांय(झांसी)। ये गलियां ये चौवारा यहाँ आना न दोबारा यह हालत बने हुए हैं झाँसी जिले के गुरसरांय नगर समेत ब्लॉक बामौर,गुरसरांय ग्रामीण क्षेत्रों के जहाँ हर-घर-जल-हर-घर-नल योजना के तहत करोड़ों रुपया खर्च होने के बाद और जल निगम से लेकर इस काम को काम करा रही प्राइवेट कंपनियों ने राज्य सरकार और केंद्र सरकार कि इस महत्वपूर्ण योजना के तहत गुरसरांय नगर समेत ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध नहीं करा पाया यही स्थिति ग्रामीण क्षेत्रों में है और पानी उपलब्ध कराने की वर्ष 2022 समय सीमा थी। वही गुरसरांय नगर की बात करें तो नगर के आधे हिस्से में 25 अगस्त 2025 शाम तक आदि क्षेत्र में पाइपलाइन ही नहीं बिछाई गई और हुआ यह गुरसरांय नगर में जल निगम और संबंधित कंपनी काम कराने वाली ने पूरे नगर की सड़के पूरी तरह उजाड़ दी जिससे जहाँ आये दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं तो दूसरी ओर उखड़ी पड़ी सड़कों में जगह-जगह गड्ढे भर होने से बरसात का कचरा युक्त जलभराव संक्रामक बीमारियों को न्योता दे रहा है हालत यह है कि आने वाले नगर में रिश्तेदारों से लेकर बाहरी लोग जब आते हैं तो बस यही राग अलापते है कि ये गलियां ये चौवारा यहाँ आना न दोबारा। और पहले तो जिले के अधिकारी मौके पर निरीक्षण करते थे और जनप्रतिनिधि भी समय-समय पर यह राग अलापते देखें गए कि वर्ष 2025 के माह अप्रैल में हर कीमत पर स्वच्छ पेयजल सप्लाई कर सड़कों की पूरी तरह मरम्मत कर दी जावेगी और यह बात गरौठा विधायक,तत्कालीन डिप्टी कलेक्टर गरौठा अवनीश कुमार तिवारी के समक्ष जल निगम के अधिकारियों और काम कराने वाले ठेकेदारों ने कहीं थी लेकिन अब तो जिले के संबंधित विभाग से लेकर जिला प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि चार माह से इसकी मॉनिटरिंग करना भी भूल गए हैं इससे लग रहा है कि कही न कही संबंधित विभाग और ठेकेदारों से लेकर सरकारी सिस्टम में झोल है और ऐसी स्थिति से सरकार की छवि बुरी तरह धूमिल हो रही है तो गुरसरांय कस्बे समेत ग्रामीण क्षेत्रों में यहां के वाशिन्दाओं को जीना दूभर हो गया है।
जहाँ हाकिम हो बेदर्द वहाँ फरियाद क्या करना
गुरसरांय नगर सहित ग्रामीण क्षेत्र की जनता पेयजल समस्या और खराब रास्तों के चलते पहले तो अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों से उक्त समस्या हल करने की मांग करती थी लेकिन अब तीन-चार माह से हार-थककर उसने चुप्पी साध ली है क्योंकि जहाँ हाकिम हो बेदर्द वहाँ फरियाद क्या करना।
