गुरसरांय (झांसी)। नगर पालिका परिषद गुरसरांय में तैनात राजस्व मुहर्रिर के पद पर तैनात योगेंद्र कुमार,मोहनलाल को आखिरकार माननीय उच्च न्यायालय द्वारा 24 वर्ष बाद न्याय आखिर मिल ही गया है। पूरा मामला उत्तर प्रदेश के झांसी जिले की नगर पालिका परिषद गुरसरांय का है। जहां तैनात कर्मचारी योगेंद्र कुमार, मोहनलाल की पदोन्नति दिनांक 5-02-1999 को तत्कालीन अधिशासी अधिकारी द्वारा राजस्व मुहर्रिर के पद पर की गई थी तदनुसार प्रार्थीगण को पदोन्नत वेतनमान के अनुसार वेतन भी दिया गया था दिनांक 08-01-2001 को प्रार्थीगण की पदोन्नति तत्कालीन अधिशासी अधिकारी द्वारा निरस्त कर दी गई और चपरासी पद का वेतन दिया जाने लगा। पदोन्नति आदेश दिनांक 08-01-2001 के विरुद्ध प्रार्थीगण द्वारा माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद में रिट दायर की गई जिसकी संख्या 10461 सन् 2001 है। तदपरान्त प्रार्थीगण के प्रत्यावेदन दिनांक 19-04-2001 पर तत्कालीन अधिशासी अधिकारी द्वारा पुनः विचार करते हुए पूर्व पारित अपना आदेश दिनांक 08-01-2001 अपास्त कर दिनांक 31-5-2001 को नया आदेश जारी किया गया जिसमें प्रार्थीगण को पदोन्नत पद राजस्व मुहर्रिर का ही वेतन दिये जाने का आदेश किया गया। किंतु उक्त आदेश के क्रम में प्रार्थीगण को आज तक पदोन्नत पद का वेतन भुगतान नहीं किया गया। योजित रिट संख्या 10461 सन् 2001 दिनांक 11-08-2025 को माननीय उच्च न्यायालय द्वारा निस्तारित कर दी गयी है जिसमें प्रार्थीगण योगेंद्र कुमार व मोहनलाल को अधिशासी अधिकारी के आदेश दिनांक 31-05-2001 के अनुसार पदोन्नत पद (राजस्व मुहर्रिर) का वेतन दिये जाने का उल्लेख किया गया है। प्रार्थीगणों ने माननीय उच्च न्यायालय के निर्णय आदेश का अवलोकन कर माननीय न्यायालय द्वारा पारित आदेश दिनांक 11-08-2025 की कॉपी सहित प्रार्थना पत्र देकर जल्द न्याय की गुहार लगाई है। बताते चलें लगातार 24 वर्षों बाद संबंधित कर्मचारियों को लंबी लड़ाई के बाद आखिरकार न्याय मिल ही गया है इससे नगर पालिका परिषद कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
