गुरसरांय(झांसी)। एक ओर जहां योगी सरकार बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले इसके लिए करोड़ों रुपए खर्च कर रही है वहीं दूसरी ओर अध्यापक सरकार की मंशा के विपरीत कार्य कर रहे हैं। कई विद्यालय न सिर्फ देर से खुल रहे हैं। बल्कि तय समय से पहले ही बच्चों की छुट्टी भी कर दी जा रही है। गुरुवार को ब्लॉक बामौर के ग्राम भौंवई का उच्च प्राथमिक विद्यालय में समय से पहले ही ताला पड़ा हुआ था। जब इस संबंध में मीडिया के लोगों ने बीएसए विपुल शिवसागर से दूरभाष पर वार्ता की तो उन्होंने बताया कि इस संबंध में खण्ड शिक्षा अधिकारी बामौर को विद्यालय बंद रहने के संबंध में स्पष्टीकरण तलब किए जाने के निर्देश दिए गए है। वही जब एबीएसए बामौर से इस संबंध में वार्ता हुई तो उन्होंने जाँच कर कार्यवाही का भरोसा दिलाया है। बताते चले शासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में स्कूलों के समय से खुलने और शिक्षकों की समय से उपस्थिति आदि-आदि निगरानी देखने के लिए मोटी पगार देकर ब्लॉक स्तर पर खण्ड शिक्षा अधिकारी की तैनाती की गयी है लेकिन बामौर विकास खण्ड में तैनात खण्ड शिक्षा अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को न मानते हुए चर्चा है कि शिक्षकों से माहवारी सुविधा शुल्क वसूल कर स्कूली बच्चों के साथ खिलवाड़ किये हुये है जिससे लगातार सरकारी स्कूलों की बजाएं अभिभावक अपने बच्चों को प्राईवेट शिक्षण संस्थानों में पडाना अधिक पसंद कर रहे हैं और शासन द्वारा हर गरीब अमीर बच्चों को समान बेहतरीन शिक्षा मिले को लेकर शिक्षक से लेकर इस प्रकार के खण्ड शिक्षा अधिकारी बेपरवाह केवल धन कैसे कमाया जाए में जुटे हुए हैं और शासन की छवि को भी धूमिल कर रहे है।
