गुरसरांय(झांसी)। श्री रामदूत सेवा समिति के तत्वावधान में पिछले नौंवी वर्षों से निकल रही कावड़ यात्रा इस वर्ष 4 अगस्त को पहले से अधिक भव्यता के साथ निकलेगी। इस संबंध में रविवार को नगर में श्रीरामदूत शिव सेवा समिति के तत्वाधान में निकाले जाने वाली कावड़ यात्रा की तैयारियों को लेकर समिति के आयोजक पं सुरेंद्र व्यास ने बैठक कर यात्रा की तैयारी की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने यात्रा को विशेष तथा बेहतर बनाए जाने के लिए कई सुझाव भी पदाधिकारिओ को दिए और उन्हे जिम्मेदारियाँ सौंपी गयी। पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि यह कावड़ यात्रा बुंदेलखंड की जीवन दायनी बेत्रवंती एरच से चलकर गुरसरांय के भीमाशंकर मन्दिर पर संपन्न होगी। यात्रा में लगभग 2 हजार कावड़िया एरच की बेत्रवंती मैया से पवित्र जल लेकर यात्रा की शुरुआत करेंगे। यात्रा का मुख्य आकर्षण भगवान भोलेनाथ उनके परिवार के स्वरूप के स्वरूप होंगे। यह सभी स्वरूप रथ पर सवार होंगे। इस यात्रा में डीजे इत्यादि होंगे। यात्रा का जगह-जगह स्वागत किया भव्य जायेगा । यात्रा के मार्ग में जगह-जगह मेडिकल कैंप लगाए जाएंगे। इसके साथ-साथ एंबुलेंस भी देखभाल के लिए साथ-साथ चलेगी। संपूर्ण यात्रा मार्ग सहित नगर के अंदर यात्रा का स्वागत प्रस्तावित किया गया है। कांवड़ यात्रा के आयोजक संयोजक पं सुरेन्द्र कुमार व्यास ने बताया कि सोमवार 4 अगस्त को प्रातः 5 बजे बोल बम के जयकारों के साथ कांवड़िए व्यास जी हनुमान मंदिर से एरच के लिए प्रस्थान करेगे। करीब 23 किलोमीटर से अधिक भव्य कांवड़ यात्रा का ग्रामीण क्षेत्रों के साथ जगह-जगह उत्साह के साथ भव्य स्वागत किया जाएगा। कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़िया बस द्वारा बेतवा नदी पहुंचेंगे जहां से कांवर लेकर 23 किलोमीटर पैदल चलकर बेत्रवंती मैया एरच से जल लेकर भीमाशंकर महादेव के मंदिर गुरसरांय में भगवान शिवजी का भव्य जलाभिषेक करने पश्चात महा आरती के कार्यक्रम के बाद भंडारा प्रसाद वितरण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त उन्होंने कहा कि परंपरा के अनुसार सभी भक्त कांवड़ यात्रा को सफल बनाने में सहयोग करें।आयोजन को लेकर क्षेत्र में उत्साह का वातावरण है। महिलाएं भी कांवर यात्रा में शामिल रहेगी।
