समथर (झांसी)-श्रावण मास कांवड़िए श्रद्धालु भक्तों के लिए आस्था का प्रतीक है। श्रावण मास के महीने में हजारों की संख्या में श्रद्धालु भक्त हर जगह से भगवान भोलेनाथ की कठिन साधना करके नंगे पग पैदल यात्रा करके तीर्थ स्थलों से पवित्र कांवड़ियों में पवित्र नदियों का जल लाकर भगवान नीलकंठेश्वर महादेव को चढ़ाते हैं और अपनी सेवा पूर्ण करते हैं।आज सेकंडों की संख्या में गाजे बाजे के साथ मां रतन गढ़ धाम तीर्थ स्थल से सिंध नदी का पवित्र जल लेकर कांवड़िए श्रद्धालु भक्त समथर नगर से होते हुए टोड़ी फतेहपुर क्षेत्र के श्रद्धालु कांवड़ियों की टोली होते हुए निकली। जहां समथर नगर के लोगों ने जगह कांवड़िए श्रद्धालु भक्तों को पुष्प माला पहनाकर ह्रदय भाव से स्वागत किया और और भोले नाथ को ह्रदय भाव से नमन किया। नगर में जहां जहां से श्रद्धालु भक्त होते हुए निकले सभी कांवड़ियों को नमन किया। कांवड़िए श्रद्धालु भक्तों ने बताया कि हम हर बर्ष सावन के महीने में विधि-विधान से भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना करते हैं। और सोमवार व्रत रखकर उपवास करते हैं। एवं तीर्थ स्थलों पर जाकर वहां से पवित्र नदियों का कांवड़ों में जल भरकर लाते हैं और भगवान भोलेनाथ को चढ़ाकर अपनी सेवा पूर्ण करते हैं। जिससे भगवान नीलकंठेश्वर महादेव जी सारे बिगड़े हुए काम बनाते।हर मनोकामना पूर्ण होती है।हम सभी तीर्थ स्थल रतन गढ़ धाम से सिंध नदी का पवित्र जल लेकर अपने अपने घरों को लौट रहे हैं।जो कोई श्रद्धालु भक्त ह्रदय भाव से इनकी सेवा करते हैं उन पर सदेव कृपा रहती है घरों में सुख शांति आती है। सभी कांवड़ियों ने बम बम भोले का खूब जयकारा लगाया सारा नगर शिव भगवान के जयकारों से गूंज उठा।
