गरौठा झांसी -धसान नदी की तेज़ धार एक और ज़िंदगी को निगल गई, और अब तीस घंटे बाद भी युवक का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। सोमवार शाम संकरगढ़ निवासी जयनारायण पासवान मछली पकड़ने के लिए सुजावनपुरा घाट पहुँचा था। लेकिन तेज बहाव के कारण वह नदी में बह गया। घटना के बाद से परिवार की आंखों का चैन और दिल का सुकून सबकुछ खो गया है।
परिजनों और प्रशासन की कोशिशें जारी हैं। राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीम ने मंगलवार को पूरे दिन रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया, पर रात आठ बजे तक भी जयनारायण का कुछ पता नहीं चल सका। अब तक 30 घंटे बीत चुके हैं, लेकिन हर बीतता पल परिवार पर भारी पड़ रहा है।
जयनारायण अपने तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उसके पीछे एक पांच साल की बेटी प्रगति कुमारी और दो साल का बेटा प्रयांश कुमार है। घर में बूढ़े माता-पिता, पत्नी और बच्चों का रो-रो कर बुरा हाल है।
गांव के लोग, नाते-रिश्तेदार, महिलाएं, सभी परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं, लेकिन दिल को सुकून देने वाले शब्द भी अब कम पड़ रहे हैं।
घटनास्थल पर उप जिलाधिकारी सुनील कुमार, पुलिस क्षेत्राधिकारी असमा वकार, नायब तहसीलदार राधा पालीबाल, स्थानीय पुलिस बल, ग्राम प्रधान चंदादेवी और सैकड़ों गांववासी मौजूद हैं। लगातार बारिश के बावजूद प्रशासन की टीमें मौके पर डटी हुई हैं।
धसान नदी का यह दर्दनाक मंजर झाँसी जनपद को एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि नदी घाटों पर सुरक्षा के और क्या इंतज़ाम हो सकते हैं, ताकि ऐसी घटनाएं रोकी जा सकें
