गुरसरांय(झांसी)। कस्तूरबा गाँधी आवासीय विद्यालय गुरसरांय परिसर में लाखों की लागत से सभी सुविधा युक्त लैब का निर्माण किया जा रहा है।कार्यदायी संस्था की ओर से जिस तरह से निर्माण किया जा रहा है उसको लेकर सवाल खड़े हो गए हैं ठेकेदार द्वारा बेस स्तर के कार्य में गुणवत्ता हीन सामग्री का उपयोग किया जा रहा है घटिया सामग्री के साथ बिल्डिंग को बनाया जा रहा है। सरकारी निर्माण कार्य में एक तरह से धोखाधड़ी की जा रही है।लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य में घटिया ईंट लगाई जा रही हैं। निर्माण में कम मात्रा में सीमेंट का उपयोग किया जा रहा है। बताते चले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से लेकर यूपी सरकार का विशेष फोकस है कि गरीब बेसहारा से लेकर दूरदराज के बच्चों को कस्तूरबा विद्यालय खोलकर रहने की व्यवस्था से लेकर खाने-पीने और ड्रेस से लेकर बेहतरीन शिक्षा आधुनिक लैब सहित सभी सुविधाएं और सभी विषयों की शिक्षा देकर उनके भविष्य का कैरियर बनाने का काम बिना किसी आर्थिक संकट से लेकर शिक्षा अभाव को दूर करते हुए बच्चों की जिंदगी में एक ओर उनका भविष्य खुशहाल पड़ लिखकर हो सके इसके लिए करोड़ों रुपया खर्च करने के बाद भी इसमें भी बिल्डिंग निर्माण कर रही कार्यदायी संस्था से लेकर ठेकेदारों की मिलीभगत के चलते झाँसी जिले की गरौठा तहसील के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय गुरसरांय में लैब निर्माण में एस्टीमेट के मुताबिक काफी घटिया स्तर का गुम्मा से लेकर अन्य मसाला प्रयोग करने से इस बिल्डिंग की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं जबकि नियमानुसार जो लैब निर्माण हो रही है निर्माणाधीन भवन के पास स्पष्ट तौर से लेकर निर्माण की लागत से लेकर कार्यदायी संस्था और ठेकेदार का नाम कार्य की अवधि आदि-आदि स्पष्ट लिखा जाता है लेकिन यहां पर सारे नियम कायदे को एक कोने में रखा गया है।कस्बे के जागरूक लोगों ने जिला प्रशासन से इस संबंध में कार्रवाई की मांग की है।
