झांसी – एक ऐसा प्राचीन मंदिर जो आपकी नजरों से दूर है हम बात कर रहे हैं झांसी के पारीछा के बराटा के खेड़ापति सरकार मंदिर की जहां गुरु पूर्णिमा के दिन संत वासदेव जी महाराज के दर्शन के लिए इस स्थान पर दूरदराज से आस पड़ोस के गांव के लोग गुरु पूर्णिमा पर भगतो का दर्शन करने के लिए तांता लगा रहता हैं ।आपकी जानकारी के लिए बता दें कि झांसी पारीछा के खेड़ापति सरकार का लगभग सैकड़ो वर्ष पुराना स्थान है।लोगो के द्वारा दी जानकारी से पता चला कि इस स्थान के पहले खेती व जंगल था। जहां पर एक हनुमान जी की मूर्ति प्राप्त हुई । जब गांव वालों ने देखा और मंदिर स्थापना की चर्चा हुई तो मूर्ति अपने स्थान से हिलने को तैयार नहीं थी । लेकिन कई प्रकार की पूजा अर्चना करने के बाद मंदिर की स्थापना हुई । और खेड़ापति सरकार हनुमान जी की मूर्ति मंदिर में स्थापित की गई। और लगातार मंदिर के दर्शन के लिए लोग यहां आना शुरू कर दिए और शायद होनी को कुछ और ही मंजूर था ।और इस स्थान की सेवा के लिए किसी का इंतजार था ।खेड़ापति सरकार के स्थान पर महंत जी इटावा जिले में पहले अपने जीवन काल में लोगों को शिक्षा देकर शिक्षा विभाग से जुड़े हुए थे तो खेड़ापति सरकार ने अपनी सेवा के लिए महंत जी को सपना दिया और स्थान के बारे में बताया जिसके बाद महंत जी अपने जीवन काल का सारा जीवन इस खेड़ापति सरकार को अर्पित करते हुए घर परिवार नौकरी छोड़कर चले आए। लगभग 25 साल बीतने को है और महंत जी इसी स्थान पर रहना शुरू कर दिए महंत जी के आने के बाद यहां की सच्चाई और लोगों की समस्याएं दूर होने से स्थान की मान्यता बढ़ने लगी और दूर दराज के लोग स्थान पर दर्शन करने पहुंचने लगे । और महंत जी को गुरु के रूप में स्वीकार किया ।स्थान की मान्यता और प्रचीन होने के बाद स्थान पर अधिकारी, जनप्रतिनिधि, नेता,गांव के लोग आकर्षित हुए और स्थान पर अपना योगदान दान करके तरह-तरह के निर्माण करके स्थान को सुंदर बनाने का कार्य किया। आज गुरु पूर्णिमा के दिन इस स्थान पर हजारों की तादाद में गुरु जी के शिष्य पहुंचते हैं और दर्शन करते हैं और गुरु जी का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।खेड़ापति सरकार के इस स्थान पर आपको प्राचीन हनुमान जी के साथ राम दरबार, राधा कृष्ण मंदिर , भोलेनाथ का मंदिर और काली मां का प्राचीन मंदिर भी है
