गुरसरांय (झांसी)। साढे़ आठ साल में सड़कों के चौड़ीकरण से लेकर मरम्मतीकरण के नाम पर पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा गरौठा विधानसभा क्षेत्र के गुरसरांय आसपास क्षेत्र में सिर्फ और सिर्फ कागजी घोड़े दौड़ते दिख रहे हैं और रोज के रोज पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधि इन सड़कों पर निकलते देखे जाते हैं लेकिन पहला बाकिया गुरसरांय-कोटरा मार्ग का है जहां अस्ता के पास मुख्य सड़क पर पुलिया का एक तरफ का भाग फूटा पड़ा हुआ है फिर बढ़ते हैं इसके आगे तो कुरैठा के आगे नावली सरकार के पास दूसरी पुलिया बुरी तरह एक तरफ का हिस्सा टूटा पड़ा हुआ है और सड़क और पुलिया के बीच अंदर का भाग खोखला होता दिख रहा है जो कभी भी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है लेकिन विभाग के अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधि चुप्पी साधे हुए है आखिर आला अधिकारियों से लेकर प्रशासन और जनप्रतिनिधि कब तक बेखबर बने रहेंगे।
गुरसरांय-बैंदा सड़क का चौड़ीकरण क्यों नहीं….?
गुरसरांय से मोठ़ जाने वाली लोक निर्माण विभाग की सड़क को गुरसराय से बैंदा तक चौड़ीकरण और सुंदरीकरण न कराकर गरौठा विधानसभा क्षेत्र मऊरानीपुर विधानसभा क्षेत्र के साथ-साथ झांसी ललितपुर लोकसभा क्षेत्र तथा गरौठा भोगनीपुर लोकसभा क्षेत्र के लोगों को लग रहा है यूपी सरकार जानबूझकर विकास की मुख्य धारा से हटाने का काम कर रही है क्योंकि बघैरा खिरियाघाट मार्ग से लेकर जुझारपुरा एरच बहुउद्देशीय डिफेंस कॉरिडोर आदि औद्योगिक क्षेत्र से जोड़ने के लिए सभी सड़के बेहतरीन बनाने की योजना को अंतिम रूप दे दिया गया है फिर गुरसरांय से बैंदा तक सड़क चौड़ीकरण न कराकर इस क्षेत्र के लोगों को मोठ़ से जोड़ने के अलावा गुरसरांय से लेकर बहुउद्देशीय परियोजना से दूर क्यों रखा जा रहा है बताते चलें भाजपा शासनकाल के साढे़ आठ साल में सड़कों के निर्माण और ग्रामीण क्षेत्र को मुख्य सड़कों से जोड़ने के लिए अखबारों में बयानबाजी हमेशा सुर्खियों में रही है और अब सिर्फ डेढ़ साल के आसपास समय बचा है तो क्या जनप्रतिनिधियों के वादे हवा हवाई रहेंगे।
