झाँसी- ग्राम पंचायत सिमरधा द्वारा आयुर्वेदिक चिकित्सालय भवन निर्माण के लिए 10 वर्ष पूर्व आवंटित की गई जमीन विभागीय लापरवाही की भेंट चढ़ती जा रही है।ज्ञात हो कि सन 1962 में खोला गया भवन विहिन 4 बेड का आयुर्वेदिक चिकित्सालय शुरुआत में गांधी चबूतरा पर लगे टीन शेड के नीचे कई वर्षों तक संचालित होता रहा।इसके बाद ग्राम पंचायत के 3 कमरे वाले पुराने भवन में आश्रय लेकर मरीजों का उपचार करता रहा,जिसके 2 कमरे पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं पूरा चिकित्सालय एक कमरे में सिमटकर रह गया है।जहां पर विकलांग चिकित्साधिकारी बैठकर मरीजों का इलाज करते हैं।चिकित्साधिकारी को रहने के लिए पंचायत ने नए भवन में आश्रय दिया है।प्रधान नरेंद्र राजपूत, लल्ला राजपूत,प्रहलाद राजपूत, बेदप्रकाश त्रिपाठी,जगदीश सहाय,मोनू लंबरदार,सुरेश तिवारी,ब्रजेश तिवारी, प्रकाश पुजारी,लालता राजपूत,हरनाथ राजपूत,निर्माणी चौबे,राजेश सोनी, दीपक सोनी,विनोद राजपूत,धर्मेंद्र तिवारी आदि ने आवंटित जमीन पर जल्द से जल्द चिकित्सालय के भवन निर्माण कराए जाने की मांग की।।
