गुरसरांय(झाँसी)। केंद्र और राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली हर-घर-नल-हर-घर-जल योजना के माध्यम से आम जनता को लागू करके जन-जन को स्वच्छ पेयजल मुहैया कराना था,लेकिन जिस कंपनी को यह काम की जिम्मेदारी सौंपी गई थी वह 2024 के एक साल बाद भी चालू नही हुई। ठेकेदारों की निरंकुशता और जनप्रतिनिधियों की लापरवाही से गलियों से निकलना मुश्किल हो गया है।यदि समय पर ध्यान दिया जाता,तो हर घर में पानी पहुंच रहा होता। नगर में नमामि गंगे की हर-घर-नल-जल योजना ने सड़कों की सूरत बिगाड़ दी है।कई जगह सड़क की खोदाई कर पाइपलाइन तो बिछा दी गई,लेकिन मरम्मत के नाम पर कई जगह मिट्टी डालकर खानापूर्ति कर दी है।ऐसे में कहीं गड्ढा तो कहीं नाली खुली पड़ी हुई है।कई जगह तो महीनों से सिर्फ पाइप लाइन के लिए सड़क खोद दी गयी है,न ही उसमें पाइप लाइन डाली गयी है,न हीं मरम्मतीकरण किया है। लोगों को पाइपलाइन से पानी तो मिला नहीं,खुदाई के बाद सड़कों की मरम्मत न होने से सड़के खस्ताहाल हो गई हैं। सड़के गड्ढे में तब्दील हो गई है। प्रतिदिन मोटरसाइकिल एवं साइकिल चालक व पैदल चलने वाले लोग गिरकर चोटिल हो जा रहे हैं।इससे लोगों को वाहन तो दूर पैदल निकासी तक में समस्या हो रही है। पाइप लाइन बिछाने के नाम पर पूरी सड़के पिछले कई माह से अधिक समय से उखाड़ दी गई है,कई जगह तो एक साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी सड़क सही नही की गयी हैं। ठेकेदारों को उक्त काम के नाम पर समय सीमा से लेकर कार्य की गुणवत्तापूर्वक हर कीमत पर 2024 में उक्त काम पूरा होकर आम जनता को इसका लाभ मिलना था,लेकिन विभागीय अधिकारियों और संबंधित विभाग के आला अधिकारियों की कही न कही काम करने वाले कंपनी के ठेकेदारों से मिलीभगत के चलते इस काम में लापरवाही की जा रही है। यहां बता दें तत्कालीन जिलाधिकारी झांसी रविंद्र कुमार ने गुरसरांय में जो रामनगर रोड़ पर टंकी निर्माण हो रही था।उसका मौके पर जाकर निरीक्षण किया था। जिसमें काम में लापरवाही बरतने पर कार्यदायी संस्था के खिलाफ कार्यवाही करने के सख्त निर्देश भी दिए थे।लेकिन उनके स्थानांतरण होने के बाद फिर से संबंधित विभाग के अधिकारी और ठेकेदार जानबूझकर निर्धारित समय सीमा भीतर काम नहीं कर पाए तो दूसरी ओर जनता के सामने पेयजल की समस्या ने और विकराल रूप धारण कर लिया,और यह सड़के मरम्मत इसी विभाग के द्वारा होनी थी।नगर में यह योजना अभी भी काफी धीमी गति से चल रही है।नगर के जागरूक लोगों ने जिला प्रशासन से लेकर प्रदेश सरकार से जनहित में इस कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने की मांग की है।
