उरई/जालौन। जल जीवन मिशन के अंतर्गत चल रही हर घर जल योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने संबंधित विभागों और एजेंसियों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली इस योजना में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने उमरारखेड़ा और बंशीधर महाविद्यालय के पास बने नलकूपों को शीघ्र ही ग्रामीण फीडर से हटाकर शहरी फीडर से जोड़ने के निर्देश दिए। साथ ही सीडब्ल्यूआर और नलकूप संख्या-2 के लिए संयुक्त टीम से प्राक्कलन तैयार कराने को कहा। बैठक के दौरान कार्यकारी एजेंसियों जीवीपीआर और बीजीसीसी द्वारा बताया गया कि 27 ग्राम प्रधान पाइपलाइन बिछाने और जल कनेक्शन के कार्य में व्यवधान डाल रहे हैं। इस पर नाराजगी जताते हुए डीएम ने जिला पंचायत राज अधिकारी को ऐसे प्रधानों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जनपद के 12 स्थानों पर विद्युत आपूर्ति बाधित होने से पेयजल व्यवस्था प्रभावित है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि मई माह के अंत तक सभी विद्युत कार्य पूर्ण कर लिए जाएं, अन्यथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई तय है। डीएम पाण्डेय ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन कार्यों के दौरान जिन सड़कों को क्षति पहुंची है, उनका मरम्मत कार्य एक माह के भीतर पूर्ण किया जाए। उन्होंने सभी अधिकारियों को कार्य का स्थलीय सत्यापन भी करने को कहा। कार्यकारी एजेंसी बीजीसीसी की निष्क्रियता पर नाराज़ जिलाधिकारी ने शासन को पत्र भेजकर कार्रवाई की संस्तुति की है। साथ ही अधिशासी अभियंता ग्रामीण और टीपीआई को भी कार्य में लापरवाही पर चेताया गया।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे प्रेमचंद मौर्य, अधीक्षण अभियंता नंदलाल, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी अमित सक्सेना, ग्रामीण अभियंता आंचल गुप्ता सहित संबंधित अधिकारी एवं एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
