संवाददाता – नीलेश एनकेडी
मोंठ : स्थानीय टीकाराम यादव महाविद्यालय में भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अंतर्गत भारत-पाकिस्तान के संभावित सामरिक संकट की स्थिति में नागरिक सुरक्षा उपायों को लेकर मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस मॉक ड्रिल का प्रशिक्षण 56वीं यूपी बटालियन के हवलदार देवेंद्र सिंह द्वारा दिया गया।

कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राजेंद्र खरे ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए बताया कि यदि भविष्य में युद्ध जैसी स्थिति उत्पन्न होती है तो सायरन बजते ही हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह स्वयं, अपने परिवार एवं आसपास मौजूद लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जाएं। विशेष रूप से यदि व्यक्ति छत या ऊपरी मंजिल पर है, तो तुरंत निचले कमरे या तलघर में शरण लेनी चाहिए। ब्लैकआउट की स्थिति में किसी प्रकार की रोशनी बाहर न जाने पाए, इसके लिए टॉर्च, मोबाइल एवं अन्य लाइट उपकरणों को बंद रखना अनिवार्य होगा। सड़क पर वाहन में होने की स्थिति में हेडलाइट बंद कर वहीं रुक जाना चाहिए।

हवलदार एवं एनसीसी प्रभारी डॉ. अजय निरंजन ने आपात स्थिति में जमीन के सहारे कैसे रेंगते हुए सुरक्षित स्थान तक पहुँचना है, इसकी व्यावहारिक जानकारी दी। उन्होंने जीवन रक्षक प्राथमिक उपायों की भी जानकारी दी।
इस प्रशिक्षण में एनसीसी कैडेट्स, महाविद्यालय के अन्य छात्र-छात्राएं एवं प्रवक्ता उपस्थित रहे।
