गुरसरांय (झांसी)। तालाब के राम जानकी मंदिर पर श्रीराम महायज्ञ एवं संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के पांचवे दिन भगवान की बाल लीलाओं की कथा सुनाई गई।व्यास पंडित भगवत नारायण समाधिया ने भगवान की बाल लीला सुनाते हुए कहा कि भगवान के घर माखन मिश्री की कोई कमी नहीं थी,लेकिन ब्रज की प्रत्येक गोपी भगवान को अपने हाथों से माखन खिलाना चाहती थी,इसलिए भगवान ने गोपियों का मनोरथ पूर्ण करने को माखन चोरी लीला को माध्यम बनाया।
उन्होंने गोवर्धन लीला के माध्यम से कहा कि इन्द्र का अहंकार तोड़ने को भगवान ने गोवर्धन लीला की और इन्द्र के कोप से ब्रजवासियों की रक्षा की।संगीत में कथा में नाल पर देवेंद्र सिंह घोष, ऑर्गन पर प्रमोद गोस्वामी एवं तबले पर धर्मेंद्र कौशिक ने संगत की।मुख्य यजमान श्रीमती कमलेश देवी-अरविंद कुशवाहा,पारीक्षत श्रीमती सावित्री देवी-कन्हैया लाल कुशवाहा,यज्ञाचार्य पंडित लवकुश शास्त्री रहे।इस दौरान नगर पालिका अध्यक्ष जयपाल सिंह चौहान का कथा व्यास पंडित भगवत नारायण समाधिया ने उनको शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।इस मौके पर पंडित ब्रजकिशोर व्यास,राकेश त्रिपाठी,रविंद्र श्रीवास्तव,मुन्नालाल कुशवाहा पूर्व कुशवाहा समाज के अध्यक्ष,अरविंद कुशवाहा,कैलाश कुशवाहा पार्षद,अर्जुन कुशवाहा,नंदू कुशवाहा,किस्सू कुशवाहा,कमल,भज्जू मुखिया, बृजलाल कुशवाहा,अन्नू सेन,सुक्कन,रामकिशोर,घनश्यम कुशवाहा,रामकुमार,
विजय कुशवाहा,रामकिशोर मास्टर,जय सिंह कुशवाहा, अर्जुन कुशवाहा,जयसिंह कुशवाहा,कल्लन कुशवाहा, बृजलाल कुशवाहा,हरिकांत कुशवाहा,मातादीन कुशवाहा, रामकुमार कुशवहा,जानकी कुशवाहा,साधूराम साहू आदि उपस्थित रहे।
